कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत भूस्वामियों को प्राप्त होंगे मुआवजा एवं रोजगार
कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत भूस्वामियों को प्राप्त होंगे मुआवजा एवं रोजगार
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कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत भूस्वामियों को प्राप्त होंगे मुआवजा एवं रोजगार

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सूरजपुर, 24 जुलाई (हि.स.) । कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा एवं अपर कलेक्टर एसएन मोटवानी की उपस्थिति में शुक्रवार को कोल इंडिया पुर्नवास नीति 2012 के तहत रोजगार उपलब्ध कराने जिलास्तरीय पुनर्वास एवं पूर्णस्थापना समिति की बैठक ली। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बैठक में आमगांव ओपनकास्ट के परियोजना अधिकारी एवं ग्राम सरपंच के बीच बैठक में रोजगार एवं पुनर्वास नीति के संबंध में चर्चा की। कलेक्टर ने कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के प्रावधानों के तहत किस आधार पर प्रभावित भूस्वामियों रोजगार प्राप्त होगी उसकी जानकारी ली। कोल इंडिया प्रबंधक ने प्रभावित भूस्वामियों को रोजगार, पुनर्वास एवं पुर्नस्थापना के संबंध में बिंदुवार रोजगार की सुविधा के अंतर्गत कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के अनुरूप रोजगार प्रदाय करने, रोजगार हेतु पात्र, अपात्र के संबंध में प्राप्त निर्देषों से अवगत कराते हुए प्रत्येक दो एकड़ पर एक व्यक्ति को रोजगार देने की बात कही गयी। साथ ही उन्होंने बताया कि अधिग्रहित भूमि की मात्रा के घटते क्रम में एक वरीयता सूची तैयार की जाएगी तथा वरीयता सूची के आधार पर कट आफ लाइन तक रोजगार प्रदान किया जाएगा। ऐसे प्रभावित भूमि स्वामी जो रोजगार नहीं लेना चाहते हैं, उन्हें रोजगार के एवज में मुआवजा हेतु पांच लाख प्रति एकड़ प्राप्त करने के योग्य होंगे। प्रबंधक ने अधिग्रहित भूमि पर स्थित संपत्तियों जैसे मकान, वृक्ष, कुआं, ट्यूबवेल के मुआवजा निर्धारण राज्य शासन द्वारा जारी गाईड लाइन वर्ष 2019-20 के अनुसार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि की सुविधा, रोजगार की सुविधा, रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को दी जाने वाली सुविधाएं, वेतन एवं पेंशन सुविधा, पुनर्वास सुविधा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।इसके पश्चात कलेक्टर रणबीर शर्मा ने प्रभावित भूस्वामियों से चर्चा कर समस्याओं से अवगत हुए। जिसमें प्रभावित भूस्वामियों के लिए सरपंच ने जाति, निवास, रोजगार कार्यालय में पंजीयन की समस्या होने की बात कही। जिस पर कलेक्टर ने रोजगार अधिकारी एवं तहसीलदार को तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने प्राप्त मुआवजा राशि को सही प्रयोग करने कहा जिससे आने वाले समय में लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कोल प्रबंधक एवं तहसीलदार को प्रभावित पात्र भूस्वामियों को 21 दिन के अंदर शत प्रतिशत शासकीय अधोसंरचना एवं निजी संपत्ति जैसे घर, बाड़ी एवं अन्य संपत्ति का सही मूल्यांकन कर 21 दिन के अंदर मुआवजा वितरित करने कहा। रोजगार के प्रकरण को जल्द निराकरण करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने कोल इंडिया प्रबंधक एवं प्रभावित भूस्वामियों को आपस में तालमेल से कार्य करने कहा एवं किसी भी समस्या पर प्रशासन से चर्चा करने कहा है जिससे किसी भी स्थिति में विवाद पैदा न हो और योजना का उचित क्रियान्वयन किया जा सके। हिन्दुस्थान समाचार / विक्की तिवारी-hindusthansamachar.in