सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज 24 को जारी होगी, प्रति ग्राम 65 रुपये महंगा हुआ बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज 24 को जारी होगी, प्रति ग्राम 65 रुपये महंगा हुआ बॉन्ड
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नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज अगले सोमवार को यानी 24 मई को जारी होने वाली है। दूसरी सीरीज के तहत इन बॉन्ड्स को 28 मई तक लिया जा सकेगा। इस सीरीज के लिए प्रति ग्राम सोने के बॉन्ड का भाव 4,842 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। पहली सीरीज की तरह ही इस बार भी ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करने वालों को प्रति ग्राम 50 रुपये का डिस्काउंट देने की बात कही गई है। इसके पहले सॉवरेन गोल्ड बांड की पहली सीरीज 17 मई को जारी हुई थी, जिसमें 21 मई तक लोगों को निवेश करने का मौका मिला था। पहली सीरीज में बॉन्ड की कीमत 4,777 रुपये प्रति ग्राम तय की गई थी, लेकिन पहली सीरीज के 21 मई को यानी कल बंद होने के 2 दिन बाद ही जारी हो रही दूसरी सीरीज में इसकी कीमत में प्रति ग्राम 65 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान कुल 6 सीरीज में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करने का फैसला लिया है। इसकी पहली सीरीज 17 मई को जारी होकर 21 मई को बंद हुई। दूसरी सीरीज सोमावार यानी 24 मई को जारी होने वाली है, जो बिक्री के लिए 28 मई तक खुली रहेगी। तीसरी सीरीज 31 मई को शुरू होकर 4 जून तक बिक्री के लिए खुली रहेगी। वहीं चौथी सीरीज 12 जुलाई को जारी की जाएगी। इसे 16 जुलाई तक लिया जा सकेगा। जबकि पांचवी सीरीज 9 से लेकर 13 अगस्त के बीच खरीद के लिए उपलब्ध होगी। इसी तरह छठी और अंतिम सीरीज 30 अगस्त को जारी की जाएगी और इसे 3 सितंबर तक लिया जा सकेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड है, इसका मूल्य सोने के वजन के रूप में तय किया जाता है। मतलब बॉन्ड की कीमत सोने की प्रति ग्राम कीमत के हिसाब से तय की जाएगी। बॉन्ड जितने ग्राम सोने की वैल्यू का होगा, उसकी खरीद या बिक्री की दर भी उतने ग्राम सोने के बराबर ही होगी। इन बॉन्ड्स को केंद्र सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के इश्यू प्राइस (शुरुआती खरीदी मूल्य) पर ढाई फीसदी का फिक्स्ड ब्याज दिया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की परिपक्वता अवधि 8 साल की है। नियमों के अनुसार मेच्योरिटी पीरियड के बाद इस बॉन्ड से होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता है। साथ ही हर 6 महीने में मिलने वाले फिक्स्ड ब्याज पर भी किसी भी तरह की टैक्सी कटौती नहीं होती है। नियमों के मुताबिक कोई भी निवेशक 1 वित्त वर्ष में 1 ग्राम से लेकर 4 किलो वजन तक की वैल्यू वाले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। इसी तरह किसी ट्रस्ट के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खरीद की अधिकतम सीमा 20 किलोग्राम है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशक 5 साल की अवधि पूरा होने के बाद मेच्योरिटी पीरियड के पहले भी अपना पैसा निकाल सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/योगिता

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