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गुयाना से कच्चा तेल लेकर पहला मालवाहक जहाज भारत के लिए रवाना

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जॉर्जटाउन, 24 मार्च (हि.स.)। तेल उत्पादक देश गुयाना से कच्चा तेल लेकर इस महीने पहला मालवाहक जहाज भारत की ओर रवाना हो चुका है, जिसके 8 अप्रैल को यहां पहुंचने की संभावना है। यह जहाज ट्रेडिंग फर्म ट्राफीग्यूरा कंपनी ने किराये पर लिया है। भारत की ओर से रिफाइनर्स को आयात के विविधीकरण में तेजी लाने के लिए कहा गया है, ताकि मध्य पूर्व देशों पर निर्भरता कम हो सके। अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 के बीच भारत के तेल आयात में ओपेक की हिस्सेदारी घट गई है। शीर्ष रिफाइनर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने गुयाना से कच्चे तेल का निर्यात करना शुरू कर दिया है। साथ ही रूस और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बीच हुए अनुबंध को नवीनीकृत भी किया गया है। गुयाना के लिज़ा लाइट स्वीट क्रूड सेट का एक मिलियन-बैरल मालवाहक 2 मार्च को रवाना हुआ जो मार्शल आइलैंड पर पहुंच गया है। साथ ही फ्लैग टैंकर सी गार्नेट बाउंड फ्लैग वाला टैंकर भारत के मुद्रा पोर्ट पर 8 अप्रैल को पहुंचेगा। यह मालवाहक चार्टर जहाज ट्रैफीग्यूरा का है। गुयाना के मानव संसाधन मंत्री विक्रम भरत ने बताया कि सी गार्नेट के क्रूड शिप को मूल रूप से न्यूयॉर्क के हेस, कार्प को आवंटित किया गया था। यह ऐसी कंपनी है जो एक्सिल मोबिल कॉर्प के साथ मिलकर कच्चे तेल का उत्पादन करती है। गुयाना ने साल 2020 की शुरुआत में कच्चे तेल को निर्यात करना शुरू कर दिया था। इसका तेल मुख्यत : अमेरिका, चीन, पनामा और कैरेबियन की ओर जाता है। इससे पहले भारत वेनेजुएला का प्रमुख निर्यातक था परन्तु साल 2019 में इस पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इसकी खरीद को सीमित कर दिया गया। पीडीवीएसए और रिलायंस इंड्रस्ट्रीज लिमिटेड के बीच अक्टूबर से वॉशिंगटन की ओर से किए गए अनुबंध के निलंबन के कारण भारत को लगातार तीसरे महीने तक फरवरी में वेनेजुएला का कच्चा तेल नहीं मिला। रूस के अलावा उत्तरी अमेरिकी तेल उत्पादक देश कनाडा, मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को कच्चा तेल बेचकर बाजार में हिस्सेदारी हासिल की है। हिन्दुस्थान समाचार/सुप्रभा सक्सेना