रिलायंस कम्युनिकेशन की एनसीडी डिफॉल्ट के मामले में सेबी ने केयर रेटिंग पर एक करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई
रिलायंस कम्युनिकेशन की एनसीडी डिफॉल्ट के मामले में सेबी ने केयर रेटिंग पर एक करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई
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रिलायंस कम्युनिकेशन की एनसीडी डिफॉल्ट के मामले में सेबी ने केयर रेटिंग पर एक करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई

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पूंजी बाजार नियामक सेबी ने केयर रेटिंग पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह पेनाल्टी रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) से संबंधित एनसीडी में नियमों के उल्लंघन के आरोप में लगाई गई है। सेबी ने सोमवार को जारी आदेश में यह जानकारी दी। आरकॉम के एनसीडी से जुड़ा है मामला सेबी ने अपने 48 पेज के ऑर्डर में कहा कि यह मामला आरकॉम के डिफॉल्ट से जुडा है। कंपनी को 375 करोड़ रुपए देना था और साथ ही 9.7 करोड़ रुपए का ब्याज भी चुकाना था। यह मामला फरवरी 2017 और मार्च 2017 के बीच का है। मई 2017 में केयर रेटिंग ने इस कंपनी की रेटिंग डाउनग्रेड कर डिफॉल्ट कर दिया। रेटिंग प्रोसेस में हुई देरी सेबी ने इस मामले की जांच की तो पाया कि केयर रेटिंग आरकॉम के प्रभावित करनेवाले फैक्टर्स की निगरानी करने में समय पर फेल रही। इस कारण रेटिंग प्रोसेस में देरी हुई और रेटिंग को डाउनग्रेड करना पड़ा। सेबी ने कहा कि रेटिंग एजेंसी केयर अपनी पहले की रेटिंग को आरकॉम को असाइन करने में भी फेल रही। सेबी ने आदेश में कहा कि वित्त वर्ष 2017 में आरकॉम ने रिजल्ट जारी किया था। इस रिजल्ट में पता चला कि कैश अक्रूअल्स में भारी गिरावट है। साथ ही क्रेडिट प्रोफाइल और टेलीकॉम इंडस्ट्री में मेजर डेवलपमेंट को भी रेटिंग एजेंसी नहीं समझ पाई। जियो ने भी इसी समय इस सेक्टर में प्रवेश किया था। जियो ने सभी कंपनियों के लाभ में सेंध लगा दी थी। दिसंबर 2017 में आया था यह मामला इसके अतिरिक्त केयर रेटिंग नियमों के तहत एनसीडी के डिफॉल्ट की भी जानकारी दिसंबर 2017 में आरकॉम की ओर से नहीं पाई। सेबी ने कहा कि एजेंसी ने रेटिंग को डाउनग्रेड करने के बारे में कोई सोच विचार नहीं किया। केयर रेटिंग इसी तरह से रिव्यू करने में भी फेल हो गई। सेबी ने इस तरह से कई नियमों में केयर को दोषी पाया और उसने सोमवार को एक करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगा दी।-newsindialive.in