पेट्रोल-डीजल पर भारी भरकम टैक्स का दबाव, 33.57 रुपये के पेट्रोल की कीमत 97.22 रुपये

पेट्रोल-डीजल पर भारी भरकम टैक्स का दबाव, 33.57 रुपये के पेट्रोल की कीमत 97.22 रुपये
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दिल्ली में 33.57 के पेट्रोल पर 55.34 रुपये का केंद्र और राज्य का टैक्स नई दिल्ली, 20 जून (हि.स.)। पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज हुई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.22 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। पेट्रोल के इस आसमान छूते भाव में इसकी मूल कीमत सिर्फ 38.08 रुपये ही है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से ली जाने वाली एक्साइज ड्यूटी और रोड टैक्स के साथ ही और राज्य सरकार की ओर से वसूले जाने वाले भारी भरकम वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) की वजह से पेट्रोल की कीमत में 155 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की मूल कीमत 38.08 रुपये में कच्चे तेल का खर्च प्रति लीटर 33.57 रुपये है। इसके अलावा रिफाइनिंग प्रॉसेस, पेट्रोल पंप तक पहुंचाने का किराया और रिफाइनरी का प्रॉफिट मार्जिन मिलाकर राजधानी दिल्ली में प्रति लीटर 4.51 रुपये का खर्च आता है। लेकिन पेट्रोल पंप डीलर को महज 38.08 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर मिलने वाला पेट्रोल केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स की वजह से 155.30 फीसदी महंगा होकर 97.22 रुपये प्रति लीटर मिलता है। आज कच्चे तेल की मूल कीमत (बेस प्राइस) 33.57 प्रति लीटर रुपये है। इस कीमत में रिफाइनरी का खर्च मिलाकर 4.51 रुपये और जुट जाते हैं। इसके बाद इन दोनों को मिलाकर हुए 38.08 रुपये पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और रोड सेस को मिलाकर प्रति लीटर 32.90 पैसे वसूलती है। इसके अलावा पेट्रोल की कीमत में पेट्रोल पंप के डीलर्स का कमीशन प्रति लीटर 3.79 रुपये भी जुटता है। जिसके बाद पेट्रोल की कीमत 74.78 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच जाती है। इस राशि पर दिल्ली सरकार 30 फीसदी की दर से वैट के रूप में प्रति लीटर 22.44 रुपये की वसूली करती है। जिसके बाद आम उपभोक्ता को पेट्रोल की कीमत 97.22 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। दिल्ली में आज की तारीख में केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर बतौर टैक्स 55.34 रुपये की वसूली कर रही हैं। पेट्रोल और डीजल की बिक्री से केंद्र सरकार तो अपना खजाना भर ही रही है, राज्यों की सरकारें भी पेट्रोल डीजल पर भारी भरकम वैट लगाकर दोनों हाथ से आम उपभोक्ताओं का जेब काटने में लगी हुई है। पेट्रोल और डीजल की कीमत को लेकर केंद्र सरकार की सबसे ज्यादा आलोचना करने वाली मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस खुद भी अपने शासित राज्यों में भारी भरकम वैट लगाकर अपना खजाना भरने में लगी हुई है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में वहां की सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 29.79 रुपये का वैट वसूल रही है। इसी तरह महाराष्ट्र की कांग्रेस गठबंधन की सरकार प्रति लीटर 29.20 रुपये तक वैट की वसूली कर अपना खजाना भरने में लगी है। वहीं तमिलनाडु में भी कांग्रेस गठंधन की सरकार पेट्रोल पर 24.22 रुपये प्रति लीटर तक वैट की वसूली कर रही है। इसी तरह तेलंगाना में टीआरएस सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 26.83 रुपये तक वैट वसूल कर राज्य सरकार का खजाना भर रही है। जबकि ओडिशा में बीजू जनता दल की अगुवाई वाली सरकार भी पेट्रोल पर प्रति लीटर 24.98 रुपये तक वैट की वसूली करने में लगी हुई है। कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट्स का कहना है कि सियासी वजहों से भले ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन ये पार्टियां खुद भी अपने अपने शासित राज्यों में भारी भरकम वैट लगाकर राज्य सरकार का खजाना भरने में लगी हुई हैं। ऐसे में हर पार्टी अपनी अपनी सरकार वाले राज्यों के क्षेत्राधिकार में जमकर आम उपभोक्ताओं का जेब काटने लगी हैं। इस संबंध में कमोडिटी एक्सपर्ट संतोष मेहरा का कहना है कि केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी के साथ ही रोड सेस की भी वसूली करती है। दिल्ली में केंद्र सरकार पेट्रोल पर जिस 32.90 रुपये टैक्स की वसूली करती है, उसमें 18 रुपये अकेले रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस है। सेस से आए पैसे का इस्तेमाल सिर्फ सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास में ही होता है। केंद्र की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए अन्य करों के अलावा पेट्रोल से मिलने वाली करीब प्रति लीटर 15 रुपये की एक्साइज ड्यूटी का ही इस्तेमाल होता है। एक्साइज ड्यूटी से मिलने वाली राशि से ही केंद्र सरकार राज्यों को भी मदद मुहैया कराती है। जबकि राज्य सरकारें पेट्रोल 25 से 37 फीसदी तक वैट लगाकर आम उपभोक्ताओं से प्रति लीटर 20 से 30 रुपये तक की वसूली करती हैं। संतोष मेहरा के मुताबिक केंद्र और राज्यों की सरकार दोनों ने पेट्रोल डीजल को अपनी कमाई का मुख्य जरिया बनाया हुआ है। इसीलिए सियासी बयानबाज के अलावा न तो केंद्र एक्साइज ड्यूटी में कमी करती है और ना ही राज्यों की सरकारें वैट के मामले में आम उपभोक्ताओं को कोई राहत देती हैं। जिसकी वजह से आम उपभोक्तओं को आज दिल्ली में 33.57 प्रति लीटर रुपये की मूल कीमत वाले पेट्रोल के लिए प्रति लीटर 97.22 रुपये चुकाना पड़ रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/योगिता

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