सोने की गिरावट पर लगा ब्रेक, कीमत में तेजी आने का अनुमान

सोने की गिरावट पर लगा ब्रेक, कीमत में तेजी आने का अनुमान
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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। लगातार पांच कारोबारी सत्र में भाव टूटने के बाद आज छठे कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोने की कीमत में हो रही गिरावट पर ब्रेक लगी। आज के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.40 फीसदी चढ़कर 47268 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। सोने की तरह ही चांदी में भी जारी गिरावट आज थम गई। चांदी मई वायदा करीब 1.1 फीसदी चढ़कर 68534 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। इसके पहले के सप्ताह में सोने का भाव लगभग 0.4 फीसदी तक गिर गया था। सिर्फ 1 हफ्ते में ही सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 1250 रुपये की कमजोरी दर्ज की गई थी। इसी तरह चांदी की कीमत में भी एक सप्ताह में ही 1.75 फीसदी की नरमी आ गई थी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात की जाए, तो वैश्विक मंच पर भी आज सोने की कीमत में तेजी नजर आई। हाजिर सोना 0.2 फीसदी की तेजी के साथ 1784.94 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। आपको बता दें कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने 2 दिन की बैठक के बाद आगे भी नरम मौद्रिक नीति को जारी रखने की बात दोहराई है। फेडरल रिजर्व के इस रुख के कारण भी सोने के दाम में तेजी का रुख बना है। सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि फिलहाल फेडरल रिजर्व ने अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को स्थिर रखा है। इससे आने वाले दिनों में सोने में तेजी जारी रहने का अनुमान किया जा रहा है। अगर हालात में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ अगले दो सत्रों में सोने की कीमत जून वायदा के लिए 47600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है। सर्राफा बाजार के विशेषज्ञ मयंक श्रीवास्तव सोना के जून वायदा में 47200 रुपये की कीमत के आसपास खरीदारी करने की सलाह देते हैं। हालांकि उनका कहना है कि निवेशकों को 46900 रुपये के भाव पर स्टॉपलॉस लगाना चाहिए। इसी तरह वे मई वायदा में चांदी की 68300 रुपये के आसपास खरीदारी करने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि चांदी में 67700 रुपये के भाव पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए। अगले दो कारोबारी सत्रों में चांदी के लिए 69200 रुपये प्रति किलोग्राम तक का लक्ष्य रखा जा सकता है। कोरोना काल में सोने की कीमत में लगातार तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। आज के पहले के पांच कारोबारी सत्र में सोने की कीमत में गिरावट जरूर आई है, इसके बावजूद जानकारों का कहना है कि सोने की कीमत पर कोरोना संकट का असर पड़ना तय है। क्योंकि संकट के काल में सोना-चांदी में पैसा लगाने को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है। पिछले साल भी कोरोना संकट के दौरान लोगों ने सोने में जमकर निवेश किया था जिसकी वजह से अगस्त 2020 में सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 56191 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई थी। पिछले साल सोने की इस तेजी के कारण निवेशकों को 43 फीसदी तक का रिटर्न मिला था। हालांकि बाद में कोरोना का कहर कम होने पर सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 12000 रुपये तक लुढ़क गया। अभी एक बार फिर कोरोना का असर शुरू होने के बाद सोना में दोबारा तेजी का रुख बना है। लेकिन अभी भी ये अपने सर्वोच्च स्तर से करीब 9200 रुपये नीचे गिरकर कारोबार कर रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/योगिता/सुनीत