जुलाई में जीएसटी राजस्व संग्रह घटकर 87422 करोड़ रुपये पर आया
जुलाई में जीएसटी राजस्व संग्रह घटकर 87422 करोड़ रुपये पर आया
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जुलाई में जीएसटी राजस्व संग्रह घटकर 87422 करोड़ रुपये पर आया

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए किये गये लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था के प्रभावित होने से सरकारी राजस्व संग्रह पर भी असर पड़ा है, जिसके कारण इस वर्ष जुलाई में जीएसटी राजस्व संग्रह घटकर 87422 करोड़ रुपये पर आ गया। जो पिछले वर्ष इसी महीने के 102082 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 14 फीसदी कम है। अनलॉक के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू हुई है और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है हालांकि अनलॉक के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू हुई है और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है, लेकिन जून की तुलना में जुलाई भी राजस्व संग्रह में कमी आयी है। इस वर्ष जून में यह 90917 करोड़ रुपये रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के बाद अप्रैल और मई महीने के लिए जीएसटी राजस्व संग्रह के आधिकारक आंकड़े जारी नहीं किये गये थे। जून में आंकड़े जारी किये थे। वित्त मंत्रालय ने आज यहां इस संबंध में जारी बयान में कहा कि जुलाई में संग्रहित राजस्व में सीजीएसटी 16147 करोड़ रुपये और एसजीएसटी 21418 करोड़ रुपये रहा है। आईजीएसटी के तौर पर 42592 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है जिसमें 20324 करोड़ रुपये आयात पर संग्रहित कर आईजीएसटी के तौर पर 42592 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है जिसमें 20324 करोड़ रुपये आयात पर संग्रहित कर है। इस महीने में क्षतिपूर्ति अधिभार के रूप में 7265 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है जिसमें 807 करोड़ रुपये आयात से संग्रहित राजस्व भी शामिल है। जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना’ का ट्रेलर रिलीज, देखें Video सरकार ने जुलाई महीने में आईजीएसटी से 23320 करोड़ रुपये सीजीएसटी के तौर पर केन्द्र को 18838 करोड़ रुपये एसजीएसटी के तौर पर राज्यों को दिया है। इस तरह से जुलाई में सीजीएसटी के तौर पर कुल राजस्व 39467 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के तौर पर 40256 करोड़ रुपये रहा है। लॉकडाउन के कारण इस वर्ष अप्रैल में 32294 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व संग्रहित हुआ लॉकडाउन के कारण इस वर्ष अप्रैल में 32294 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व संग्रहित हुआ था जो अप्रैल 2019 में संग्रहित राजस्व की तुलना में मात्र 28 फीसदी था। इसी तरह से इस वर्ष मई में यह राशि 62009 करोड़ रुपये रही थी जो मई 2019 में संग्रहित राजस्व की तुलना में 62 फीसदी था। लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही जारी रखा गया था और विनिर्माण गतिविधियां भी पूरी तरह से बंद थी।-www.newsganj.com