दिल्ली की नई आबकारी नीति में शराब ब्रांडों के लिए बिक्री मानदंडों की सिफारिश

 दिल्ली की नई आबकारी नीति में शराब ब्रांडों के लिए बिक्री मानदंडों की सिफारिश
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नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22 में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न ब्रांडों की शराब के पंजीकरण और दिल्ली के बाहर बिक्री के लिए मूल्य निर्धारण मानदंडों की सिफारिश की गई है। नीति ने लगभग सभी ब्रांड की शराब - रम, व्हिस्की, बीयर, वोदका, वाइन को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है, जो राष्ट्रीय राजधानी के बाहर एक विशेष ब्रांड के मूल्य निर्धारण और इसकी बिक्री के आंकड़ों पर निर्भर होगी। अपनी नई नीति के तहत, आबकारी विभाग ने व्हिस्की को उनकी कीमत के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया है, जिसके अनुसार, प्रति क्वार्टर 401 रुपये या उससे अधिक कीमत वाले ब्रांड, बिक्री के आंकड़े (दिल्ली के बाहर) की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, नीति में कहा गया है कि भारत में बोतलबंद एक अंतरराष्ट्रीय व्हिस्की ब्रांड और खुदरा मूल्य 600 रुपये प्रति क्वार्टर (200 मिलीलीटर) तक पंजीकृत किया जाएगा, अगर उसने पिछले दो वित्तीय में से किसी में भी साल यानी 2019-20 या 2020-21 के दौरान दुनिया भर में 5 लाख से अधिक केस बेचे हैं। 140 रुपये प्रति क्वार्टर तक खुदरा मूल्य वाले इकोनॉमी ब्रांड को दिल्ली में पंजीकरण की अनुमति तभी दी जाएगी, जब ब्रांड ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में से किसी एक में, यानी 2019-20 या 2020-21 में दिल्ली से बाहर न्यूनतम 80,000 केस की बिक्री की हो। आबकारी विभाग के नीति दस्तावेज में कहा गया है, 141 रुपये से 2,501 रुपये प्रति क्वार्टर के बीच खुदरा मूल्य वाले ब्रांडों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पंजीकरण की अनुमति तभी दी जाएगी, जब इन ब्रांडों ने पिछले दो में से किसी में भी दिल्ली सहित पूरे भारत में न्यूनतम 1,20,000 केस बिक्री की हो। इसने यह भी कहा कि 251 रुपये से 400 रुपये प्रति क्वॉर्ट के बीच खुदरा मूल्य वाले ब्रांडों को केवल तभी पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी, जब उसने पूरे भारत में कम से कम 60,000 केस बिक्री की हो। इसके साथ ही नई नीति के तहत दिल्ली सरकार ने रम को तीन श्रेणियों में बांटा है। वहीं अगर बीयर की बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी में अपनी नई आबकारी योजना में, दिल्ली सरकार ने शराब की मात्रा (अल्कोहल कंटेंट) और प्रति बोतल 100 रुपये तक के एमआरपी के आधार पर बीयर ब्रांडों को विभाजित किया है। उनका पंजीकरण तभी होगा, जब किसी ब्रांड ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 या 2020-2021 में दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे भारत में 3,50,000 बोतलें बेची हों। इसी तरह, 5 प्रतिशत से अधिक या कम अल्कोहल वाली बीयर ब्रांड के लिए 100 रुपये प्रति बोतल (650 एमएल) से अधिक के एमआरपी के साथ, कोई बिक्री सीमा निर्धारित नहीं की गई है। डाइट बीयर ब्रांडों के लिए, कोई बिक्री सीमा निर्धारित नहीं की गई है। नई आबकारी नीति से संबंधित दिल्ली सरकार के दस्तावेजों में कहा गया है, डाइट बीयर में अल्कोहल की मात्रा 5 प्रतिशत से कम और कैलोरी वैल्यू 31 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से कम होनी चाहिए। दस्तावेज में आगे कहा गया है कि माइल्ड बीयर सहित किसी भी अंतरराष्ट्रीय बीयर ब्रांड को तभी पंजीकृत किया जाएगा, जब उसने पिछले दो वित्तीय वर्षों, 2019-2020 या 2020-2021 में से किसी एक में दुनिया भर में 5,00,000 से अधिक केस बिक्री की हो। कम कीमत वाले बीयर ब्रांडों के लिए, पंजीकरण मानदंड में पूरे भारत में 1.5 लाख की बिक्री का आंकड़ा शामिल है, अगर इसमें अल्कोहल की ताकत 5 प्रतिशत तक है। यदि यह 5 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल की ताकत वाली मजबूत बीयर है और इसकी कीमत 100 रुपये प्रति बोतल (650 मिली) तक है, तो दिल्ली में पंजीकरण के लिए बिक्री का आंकड़ा पूरे देश में 3.5 लाख निर्धारित किया गया है। बता दें कि आबकारी विभाग की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर नीति तैयार की गई है। दिल्ली मंत्रिमंडल ने इस साल 22 मार्च को अपनी बैठक में आबकारी विभाग को मंत्रियों के समूह (जीओएम) की रिपोर्ट को लागू करने और उसके अनुसार वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति तैयार करने का निर्देश दिया था। आबकारी विभाग की इस नई नीति में आगे यह भी कहा गया है कि ब्रांडी, वोदका, जिन और मिश्रित मादक पेय ब्रांडों के लिए 8 प्रतिशत से कम मादक पेय की बिक्री की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। --आईएएनएस एकेके/आरजेएस

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