सेबी ने कई मामलों में शेयरों में खेल करने वाले 66 आरोपियों पर 2.43 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई, कई पर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध
सेबी ने कई मामलों में शेयरों में खेल करने वाले 66 आरोपियों पर 2.43 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई, कई पर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध
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सेबी ने कई मामलों में शेयरों में खेल करने वाले 66 आरोपियों पर 2.43 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई, कई पर बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध

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पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को कई अलग-अलग मामलों में शेयरों में खेल करने पर 2.43 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई। इसमें कंपनियां और व्यक्तिगत रूप से लोग शामिल हैं। कुल 66 लोगों के खिलाफ सेबी ने शुक्रवार को आदेश जारी किया और पेनाल्टी के साथ बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध भी लगाया। पांच लोगों पर 10-10 लाख की पेनाल्टी सेबी के पहले 50 पेज के आदेश में कहा गया है कि परिचय इन्वेस्टमेंट के मामले में उसने 16 लोगों पर 1.20 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई है। इनमें से कई लोगों पर पहले भी पेनाल्टी और बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध लगा था। इसमें प्रमुख लोगों में कृपा सोनी, कृणाल राणा, संजय सोनी, अमूल देसाई, जे एम सोनी पर 10-10 लाख रुपए की पेनाल्टी लगी है। एक दूसरे से कनेक्टेड होकर शेयरों में खेलते थे खेल सेबी ने बताया कि उसने परिचय इन्वेस्टमेंट में 21 जुलाई 2010 से 30 अगस्त 2011 तक जांच की थी। यह कंपनी बीएसई में लिस्टेड थी। सेबी ने जांच में पाया कि 63 लोगों का एक समूह जिसे सोनी ग्रुप के नाम से जाना जाता है वह इस तमाम कंपनियों के शेयरों में वोल्यूम बढ़ाने का काम करते थे। यह पाया गया कि एक जुलाई 2010 से 15 अक्टूबर 2010 तक सोनी ग्रुप ने 266 शेयरों में कारोबार किया। आदेश के मुताबिक इसमें से 18 लोग एक दूसरे से कारोबार के दौरान कनेक्टेड पाए गए और इन लोगों ने सेबी के नियमों का उल्लंघन किया। एक दूसरे के खातों में पैसे भेजे जाते थे ये लोग एक दूसरे के खाते में पैसे भेजते थे और उस पैसे से कारोबार होता था। इसमें से कई लोगों का पता भी एक ही था। ये लोग मुख्य रूप से किसी शेयरों में ग्रुप बनाकर खरीदी करते थे और जब भाव बढ़ जाता था तब वहां से बेच कर निकल जाते थे। सेबी ने यह पाया कि एक कंपनी के शेयर का भाव 9 महीने में 36 रुपए से बढ़कर 399 रुपए हो गया। इसके बाद यह भाव गिर कर 19 रुपए पर आ गया। जबकि इस कारोबार से पहले इस शेयर में कोई कारोबार नहीं होता था। सेबी ने इस तरह का गिरोह बनाकर कारोबार करने के आरोप में कुछ लोगों पर 10-10 लाख और कुछ लोगों पर 5-5 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई। कुल मिलाकर इस मामले में 1.20 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। लाइफ लाइन ड्रग के मामले में 20 लाख रुपए का जुर्माना इसी तरह दूसरे मामले में चार लोगों पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सेबी ने 43 पेज का ऑर्डर शुक्रवार को जारी किया। इसके मुताबिक लाइफलाइन ड्रग्स एंड फार्मा के मामले में यह पेनाल्टी लगाई गई है। ये लोग भी इसी तरह से शेयरों का भाव और वोल्यूम बढ़ाकर कारोबार करते थे। इन लोगों ने लाइफलाइन के शेयरों को 11 महीने में 8.6 रुपए से बढ़ाकर 584 रुपए किया और बाद में इसे गिरा कर 188 रुपए तक लाया। इस तरह के मेनिपुलेशन के मामले में सेबी ने चारों पर 5-5 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। ग्रैंडमा ट्रेडिंग में 10 लाख रुपए की पेनाल्टी इसी तरह ग्रैंडमा ट्रेडिंग के मामले में दो लोगों पर 10 लाख रुपए की पेनाल्टी सेबी ने लगाई है। पीएसआईटी इंफ्रा के शेयरों के मामले में सेबी ने कुल 26 लोगों पर 42 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें से चार लोगों पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इससे पहले पीएसआईटी के ही मामले में 22 जुलाई को सेबी ने 8 कंपनियों पर 50 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई थी। सेबी ने जांच की तो पाया कि पीएसआईटी इंफ्रा के शेयरों में एक मई 2012 से 31 जुलाई 2015 के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। सेबी ने पाया कि इन लोगों ने मिलकर शेयरों की कीमतों में इस तरह का खेल खेला था। जिसकी जांच के बाद शुक्रवार को 64 पेज के ऑर्डर में सेबी ने यह फैसला सुनाया। एसवीसी के मामले में 18 लोगों पर 51 लाख की पेनाल्टी एक अन्य मामले में सेबी ने ओपन ऑफर में खुलासा न करने पर 18 लोगों पर 51 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। यह पेनाल्टी ने 43 पेज के आदेश में यह जानकारी दी। सेबी ने शुक्रवार को कहा कि एसवीसी रिसोर्सेस के ओपन ऑफर के मामले में लार्गन लाइफ स्टाइल ने ड्राफ्ट लेटर फाइल किया था। सेबी के मुताबिक इन कंपनियों ने या व्यक्तियों ने ओपन ऑफर से संबंधित मामलों का खुलासा नहीं किया था। जिसके आरोप में यह पेनाल्टी लगाई गई है।-newsindialive.in