प्रोत्साहन पैकेज से दुनिया भर के शेयर बाजार सुनहरे दौर में, घरेलू शेयर बाजार 27 प्रतिशत चढ़ा

प्रोत्साहन पैकेज से दुनिया भर के शेयर बाजार सुनहरे दौर में, घरेलू शेयर बाजार 27 प्रतिशत चढ़ा
प्रोत्साहन पैकेज से दुनिया भर के शेयर बाजार सुनहरे दौर में, घरेलू शेयर बाजार 27 प्रतिशत चढ़ा

नई दिल्ली 25 जुलाई (हि. स.)। भारत सहित दुनियाभर के शेयर बाजार केंद्रीय बैंकों के प्रोत्साहन पैकेज से सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। भारत सहित यूरोप, अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया कोरोना वायरस के डर से आई भारी गिरावट की भरपाई कर चुके हैं। घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भी प्रत्येक दिन नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। जहां बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 40 हजार के करीब पहुंचने के करीब है, वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 11'500 के आंकड़ो को छूने के लिए बेताब है। भारतीय शेयर बाजार कोरोना वायरस महामारी और उसके बाद लॉकडाउन के कारण लगे अप्रत्याशित आर्थिक झटके के बावजूद अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब नौ प्रतिशत दूर है। भारतीय बाजार में पिछले दो महीनों के दौरान 27 प्रतिशत की तेजी आई है । शुक्रवार (24 जुलाई) को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान बीएसई का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 1,41,28,767.45 रुपये पहुंच गया है। पंजीकृत निवेशकों की संख्या 5,20,23.808 हो गई है। एनएसई का भी आकार 6 लाख 789.35 पहुंच गया है। घरेलू बाजार सहित वैश्विक बाजारों में तेजी का मुख्य कारण प्रोत्साहन पैकेज रहा है ।जहां जी4 के देशों ने नकदी प्रवाह को बनाए रखने के लिए भारी-भरकम पैकेज की घोषणा कीं वहींं भारत सरकार ने भी 20 लाख करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान कर शेयर बाजार में एक नई जान का संचार किया। इससे भारत में नकदी की उपलब्धता में भारी इजाफा हुआ है। यूरोपीय संघ ने भी बीते मंगलवार को 850 अरब डॉलर के सुधार फंड की घोषणा की। कमजोर आर्थिक माहौल को मद्देनजर फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंगलैंड समेत जी 4 के अन्य सहयोगी देशों के भी ऐसा ही कदम उठाने की संभावना है। वैश्विक बाजार पर नजर रखने वाली संस्थान मॉर्गन स्टैनली ने एक नोट में अनुमान जताया है कि जी4 देशों के केंद्रीय बैंक वर्ष 2021 के अंत तक अपनी बैंलस शीट में 12 लाख करोड़ डॉलर का इजाफा करेंगे। हमारा अनुमान है कि इस चक्र में केंद्रीय बैंक 12 लाख करोड़ डॉलर की परिसंपत्तियां खरीदेंगे। अकेला फेडरल रिजर्व ही 2021 के अंत तक के मौजूदा चक्र में कुल 6.2 लाख करोड़ डॉलर की परिसंपत्तियां खरीदेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि नोटों की छपाई से वैश्विक वित्तीय बाजारों को एक आधार मिलेगा और विकासशील देशों में तरलता में इजाफा होगा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च 2020 में वहीं जुलाई महीने में एफपीआई की निकासी दर करीब दो अरब डॉलर है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी प्रवाह और इक्विटी बाजारों के लिए इस साल अब तक की बढ़त साल के अंत तक बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक अप्रत्यक्ष रूप से धन आर्थिक प्रणाली में आता है, इसलिए शेयरों की कीमतों में तेजी बरकरार रहेगी। यह तेजी केवल जी4 के देशों में नहीं अपितु ब्रिक्स देशों के समूह भारत, ब्राजील रुस, चाइना और दक्षिण अफ्रीका मैं भी बनी रहेगी। हिंदुस्थान समाचार / गोविंद/जितेन-hindusthansamachar.in

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