बसपा नेता पिंटू सेंगर का आठ घंटे चला पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार में जुटी भीड़
बसपा नेता पिंटू सेंगर का आठ घंटे चला पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार में जुटी भीड़
news

बसपा नेता पिंटू सेंगर का आठ घंटे चला पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार में जुटी भीड़

news

- मायावती को चांद पर प्लाट देने की पेशकश में चर्चा में आया था पिंटू - विधानसभा का भी लड़ चुका है चुनाव, लंबा है अपराधिक इतिहास - हत्यारों की तलाश के लिए एसपी पूर्वी के नेतृत्व में चार टीमें गठित कानपुर, 21 जून ( हि .स . ) । बसपा नेता नरेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू सेंगर की हत्या शनिवार को उस समय कर दी गयी थी जब वह एक जमीन की पंचायत में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के घर गया था। हाईप्रोफाइल मर्डर और शार्प सूटरों द्वारा की गयी हत्या की बात सामने आने पर पोस्टमार्टम पर हर बिन्दुओं का विशेष ख्याल रखा गया। रात एक बजे से शुरु हुआ पोस्टमार्टम सुबह नौ बजे तक चला। इसके बाद शव घर पहुंचा और परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर ड्योढ़ी घाट पहुंचे। बसपा नेता के अंतिम संस्कार में शहरवासियों की भारी भीड़ जुटी और शारीरिक दूरी के नियमों की भी धज्जियां उड़ी। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को चांद पर प्लाट देने की पेशकश पर चर्चा में आया बसपा नेता नरेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू सेंगर प्रापर्टी डीलर का काम करता था। इसी के चलते उसकी आए दिन किसी न किसी से दुष्मनी भी होती थी और कई थानों में उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमें भी हैं। जबकि दूसरी तरफ उनके परिवार में अपराध का दूर-दूर तक नाता नहीं रहा। प्रापर्टी के काम वह इस कदर घुस चुका था कि उससे निकलना मुश्किल था और इधर वह बसपा में भी अच्छी पैठ लगातार बनाता जा रहा है। कैंट विधानसभा सीट से चुनाव हारने के बाद इन दिनों वह भोगनीपुर विधानसभा सीट से चुनाव की तैयारी कर रहा था। लेकिन जमीनी विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहे थे और जमीनी विवाद की पंचायत में शनिवार को सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रेश सिंह के घर जाने के दौरान शार्प सूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पिंटू सेंगर की हत्या की खबर पर पूरा प्रशासनिक अमला घटना स्थल पर पहुंचा और रात में एक बजे पोस्टमार्टम शुरु हुआ जो रविवार को सुबह नौ बजे तक चला। डाक्टरों के मुताबिक पिंटू को शार्प सूटरों ने पांच गोली मारी हैं, जबकि मौके से 16 खोखे मिले हैं। पोस्टमार्टम होने के बाद अधिकारियों की देखरेख में पिंटू का शव घर पहुंचा और अंतिम दर्शन के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजन ड्योढ़ी घाट शव लेकर पहुंचे। यहां पर भी उनके चाहने वालों की भारी भीड़ देखी गयी। लंबा है आपराधिक इतिहास छात्र राजनीति से समाजवादी पार्टी से दलीय राजनीति शुरु करके बसपा का दामन थाम चुके पिंटू सेंगर का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। कानपुर के कई थानों में उनपर करीब 28 मुकदमे दर्ज हैं। कानपुर देहात के गोगूमऊ के रहने वाले पिंटू ने अपनी मजबूत पकड़ से मां और पिता को भी राजनीतिक लाभ हासिल कराया था। आपराधिक इतिहास वाले इस पिता की बेटी अब अधिकारी बन गई और इस समय ट्रेनिंग पर है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक पिंटू पर चकेरी, किदवईनगर, हरबंशमोहाल, बाबूपुरवा और कोहना में कुल 28 मुकदमे दर्ज हैं, इनमें 22 मुकदमे अकेले चकेरी थाने में हैं। पहला मुकदमा वर्ष 1990 में मारपीट व बलवा की धाराओं में चकेरी थाने में लिखा गया था। वर्ष 1996 में किदवई नगर में हुई हत्या में उनका नाम आया और मुकदमा दर्ज होने के बाद पिंटू को जेल जाना पड़ा था। उनके खिलाफ हत्या का एक, हत्या के प्रयास के चार, रंगदारी के दो मुकदमों के अलावा गैंगस्टर, गुंडा एक्ट, 7सीएलए और मारपीट के कई मुकदमे हैं। धोखाधड़ी की धारा में आखिरी मुकदमा वर्ष 2010 में चकेरी थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक 28 मुकदमों में चार में वह दोषमुक्त हो चुके हैं। राजनीति में बढ़ता जा रहा था कद पिंटू सेंगर ने सपा से राजनीति शुरु की और सपा में पूर्व सांसद व दस्यु सुंदरी रही फूलन देवी के चलते उसकी पार्टी में दखल धीरे-धीरे बढ़ती चली गयी। लेकिन फूलन की हत्या होने के बाद पिंटू ने बसपा का दामन थाम लिया और पहली बार 2007 में कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ा। हालांकि यह चुनाव भाजपा के सतीश महाना से हार गया था। इसके बाद भी वह पार्टी में बराबर सक्रिय रहा और मायावती को चांद पर प्लाट देने की पेशकश कर दी थी। इस पर वह पूरे प्रदेश में चर्चित हो गया था। इसी पेशकश पर मायावती ने उसे पार्टी से भी निकाल दिया था, पर दोबारा फिर पार्टी में पहुंच गया और इन दिनों कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। सीधा साधा है परिवार पिंटू सेंगर के परिवार का आपराधिक जीवन से दूर दूर तक नाता नहीं है। परिवार में उनकी पत्नी नीलम और बेटी अपर्णा है। स्वजन ने बताया कि उनकी बेटी ने हाल ही में पीसीएस-जे की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्तमान वह ट्रेनिंग पर गई हुई है। पिंटू चार भाइयों में सबसे बड़े थे। भाई धर्मेंद्र सिंह एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हुए हैं और देवेंद्र सिंह सेना में हैं, उनकी तैनाती अंबाला में है। सबसे छोटे भाई शैलेंद्र उर्फ डब्बू शहर में प्रतिरक्षा कर्मी है, मां जिला पंचायत सदस्य हैं तथा पिता सोनेलाल सिंह प्रधान हैं। एसपी पूर्वी के नेतृत्व में चार टीमें गठित पिंटू सेंगर हत्याकांड की जांच के लिए एसएसपी दिनेश कुमार पी ने एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल के नेतृत्व में चार टीमें गठित कर दी हैं। बताया गया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी, सर्विलांस प्रभारी, स्वॉट प्रभारी और सीओ कैंट के अगुवाई में टीमें बनायी गयी हैं। यह सभी टीमें हत्या के पीछे के कारणों की जांच कर रही हैं। एसपी पूर्वी ने बताया कि अभी तक जांच में यह सामने आया है कि पिंटू की हत्या भाड़े के शार्प शूटरों ने की है। सीसीटीवी में उनकी फुटेज आ गयी है और उनकी तलाश की जा रही है। इसके साथ ही परिजनों की ओर से पप्पू, कुक्कू, मनोज गुप्ता, सऊद, महफूज, अरिदमन सिंह, दीनू उपाध्याय और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित-hindusthansamachar.in