भूपेश भैय्या, भाई होने का फर्ज निभाते हुए हम सब बहनों को उपहार स्वरूप हमारे 5 माह का लंबित वेतन दिलवाये
भूपेश भैय्या, भाई होने का फर्ज निभाते हुए हम सब बहनों को उपहार स्वरूप हमारे 5 माह का लंबित वेतन दिलवाये
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भूपेश भैय्या, भाई होने का फर्ज निभाते हुए हम सब बहनों को उपहार स्वरूप हमारे 5 माह का लंबित वेतन दिलवाये

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महिला मेहमान व्याख्याताओं ने सीएम को लिखा पत्र रायपुर, 24 जुलाई(हि.स.)।छत्तीसगढ़ के आईटीआई के मेहमान व्याख्याताओं का मार्च से लेकर जुलाई तक का वेतन उनके प्राचार्यो द्वारा रोका गया है। ऐसे में वहां कार्य कर रहे महिला मेहमान व्याख्याताओं को राखी जैसे पावन पर्व पर अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदने के लिए आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अपनी इन्हीं समस्याओं की तरफ ध्यान आकर्षित कराने के लिए महिला मेहमान व्याख्याताओं ने शुक्रवार को सीएम को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि वेतन नहीं मिलने के कारण हम सब अपने भाइयों और साथ ही साथ आपके लिए भी राखी खरीदने में असमर्थ हैं। परन्तु भूपेश भैय्या आप अपने भाई होने का फर्ज निभाते हुए हम सब बहनों को उपहार स्वरूप हमारे 5 माह का लंबित वेतन दिलवाये, ताकि हम सब बहने आपके लिए और अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद सके। इस संबंध में कांकेर सासंद मोहन मंडावी द्वारा संचालनालय रोजगार एवं विभाग को पत्र भी लिखा गया था। जिसके जवाब में मोती राम खुटे अवर सचिव द्वारा कहा गया कि संचालनालय का कार्य मेहमान व्याख्याताओं के लिए बजट जारी करने का होता है और सभी संस्थाओं को वेतन के लिए बजट दे दिया गया है। अब रही मेहमान व्याख्याताओं के वेतन की तो उनकी नियुक्ति और वेतन देने का अधिकार संस्था प्रमुख और नोडल अधिकारी का होता है। इस संबंध में संचालनालय की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रहती। उपरोक्त बातों से यह स्पष्ट है कि मेहमान व्याख्याताओं का वेतन संस्था प्रमुखों और नोडल अधिकारियों द्वारा रोका जा रहा है। अंत में महिला मेहमान व्याख्याताओं ने कहा कि सीएम भूपेश भैय्या से हम सब बहनों को पूरा विश्वास और उम्मीद है कि वो इस संबंध में जल्द ही उचित कदम उठायेंगे, ताकि हम सब बहनों को हमारा पूरा वेतन मिल सके। हिन्दुस्थान समाचार /केशव-hindusthansamachar.in