घर में पड़े सोने की FD करवाकर करें कमाई, जानिए स्कीम से जुड़ी खास बातें

घर में पड़े सोने की FD करवाकर करें कमाई, जानिए स्कीम से जुड़ी खास बातें
SBI Revamped Gold Deposit Scheme: घर में पड़े सोने की FD करवाकर करें कमाई, जानिए स्कीम से जुड़ी खास बातें

नई दिल्ली। घर में रखे सोने की सुरक्षा को लेकर हर कोई चिंतित रहता है। लेकिन, आप बैंक में अपने इस सोने को ना सिर्फ सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि इससे कमाई भी कर सकते हैं। जी हां, एसबीआई की रिवैम्पड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) कुछ ऐसे ही काम करती है।

दरअसल, इस स्कीम के तहत आप घर में रखे सोने या उससे बने गहनों की बैंक में एफडी (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) करवा सकते हैं। इससे ना सिर्फ आपका सोना सुरक्षित रहेगा, बल्कि उस पर आपको उस पर ब्याज भी मिलता रहेगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से इस स्कीम के बारे में बताएंगे।

तीन तरह की स्कीम

एसबीआई रिवैम्पड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) को बैंक ने तीन वर्गों में बांटा है। पहले वर्ग में 1 से 3 साल के लिए सोना जमा किया जाता है। इसे शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट नाम दिया गया है। वहीं दूसरे वर्ग को मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट कहा जाता है। इस स्कीम की मैच्योरिटी का समय 5 से 7 साल का है। जबकि, तीसरे वर्ग यानि लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट के तहत 12 से 15 साल के लिए सोना जमा किया जा सकता है।

कितना मिलेगा ब्याज?

शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट के तहत एक साल के लिए सोने की FD करने पर 0.50 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है। जबकि, दो साल और तीन साल वाली रिवैम्पड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) में क्रमश: 0.55 प्रतिशत और 0.60 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है।

इसके अलावा मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट के तहत 2.25 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जाता है। जबकि, लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट वाली रिवैम्पड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) पर 2.50 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जाएगा।

कितना सोना रखना जरूरी?

रिवैम्प्ड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) के तहत किसी भी ग्राहक को कम से कम 10 ग्राम सोना जमा करना जरूरी है। हालांकि, सोना जमा करने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। मतलब, आप 10 ग्राम से ऊपर कितना भी सोना जमा कर उस पर ब्याज ले सकते हैं।

सोने की जगह ले सकते हैं कैश

रिवैम्पड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) का मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने के बाद ग्राहकों को दो तरह की सुविधा बैंक द्वारा दी जा रही है। ग्राहक या तो सोने के रूप में वापस ले सकता है या फिर सोने की तात्कालिक कीमत के बराबर कैश ले सकता है। हालांकि, सोने के रूप में वापस लेने पर 0.20 फीसदी की दर से एडमिन चार्ज लिया जाएगा।

कितना है लॉक-इन पीरियड?

शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट के तहत सोने पर एक साल का लॉक-इन पीरियड होता है। समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर में पेनाल्टी भी लगाई जाएगी। वहीं, मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट के तहत 3 साल का लॉक पीरियड रहेगा। वहीं लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) कैटेगरी के तहत 5 साल के बाद सोना निकला जा सकता हैं। तीनों ही स्कीम्स में लॉक पीरिड तोड़ने पर ब्याज दर पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।

मिलेगी टैक्स में राहत

रिवैम्पड गोल्ड डिपॉजिट स्कीम (SBI Revamped Gold Deposit Scheme) के तहत सोने पर की गई एफडी के बदले आपको संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) भी नहीं देना होता। जरूरत पड़ने पर इस एफडी के आधार पर लोन भी लिया जा सकता है।

इस स्कीम से संबंधिति ज्यादा जानकारी के लिए एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी स्कीम दस्तावेज यहां चेक कर सकते हैं

अन्य खबरें

No stories found.