Ration Card के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे, यहां मिलेगी फायदों की पूरी जानकारी

Ration Card के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे, यहां मिलेगी फायदों की पूरी जानकारी
Ration Card के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे, यहां मिलेगी फायदों की पूरी जानकारी

नई दिल्ली: Importance of Ration Card: राशन कार्ड किसी भी परिवार के लिए राज्य सरकार की तरफ से जारी किया जाने वाला एक अहम दस्तावेज है, जो परिवार की पहचान और पते को प्रमाणित करता है। साथ ही सरकार द्वारा दिए जाने वाले सब्सिडाइज्ड राशन प्राप्त करने के लिए भी इस्तेमाल होता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट के तहत राशन कार्ड (Know About Ration Card) की मदद से हर महीने करोड़ों परिवारों को राशन उपलब्ध कराया जाता है।

राशन कार्ड (What is Ration Card)

आमतौर पर राज्य सरकार तीन प्रकार के राशन कार्ड (Types of Ration Card) जारी करती है। इसके तहत सरकार ने परिवारों की वार्षिक आय के आधार पर तीन श्रेणियों - अंत्योदय परिवार, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल परिवार) और गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) में बांटा है। परिवारों की आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकार इन्हें राशन व अन्य सरकारी सुविधा मुहैया कराती हैं।

राशन कार्ड के क्या फायदे हैं? (Benefits of Ration Card)

राशन कार्ड आपकी और आपके परिवार राष्ट्रीयता और आर्थिक स्थिति की पहचान करता है।इसके अलावा मूल-निवास प्रमाणपत्र, आय प्रमाण पत्र और पैन कार्ड आदि बनवाने के लिए भी राशन कार्ड जरूरी होता है।

कौन बनवा सकता है राशन कार्ड?

  • यदि आप भारतीय नागरिक हैं

  • एक साथ रहते हैं और साथ में खाना खाते हैं (जाइंट फ़ैमिली या बड़ा परिवार)

  • किसी एक राज्य का राशन कार्ड होते हुए दूसरे राज्य का राशन कार्ड न बानवाएं

  • एक ही राज्य से एक ही परिवार के दो राशन कार्ड न बनवाएं

कैसे बनता है राशन कार्ड? (How to Make Ration Card)

राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया हर राज्य में अलग-अलग है। इसके लिए आवेदन फॉर्म को ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से जमा किया जा सकता है। राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदक https://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx वेबपेज से भी फॉर्म डाउनलोड कर सकता है। फार्म भरने के बाद उसे परिवार के मुखिया द्वारा हस्ताक्षर करके निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा...

आवेदक का पहचान प्रमाण (कोई एक)

  • मतदाता पहचान पत्र

  • ड्राइविंग लाइसेंस

  • पासपोर्ट

  • सरकार द्वारा जारी कोई अन्य आईडी

आवेदक के पते का प्रमाण पत्र (कोई एक)

  • बिजली बिल (3 महीने से अधिक पुराना नहीं)

  • टेलीफोन बिल (3 महीने से अधिक पुराना नहीं)

  • एलपीजी रसीद (3 महीने से अधिक पुरानी नहीं)

  • बैंक पास बुक

  • रेंटल एग्रीमेंट / रेंट पेड रसीद

  • परिवार के मुखिया (सबसे बड़ी महिला) की फोटो और परिवार के सभी सदस्यों की पासपोर्ट साइज फोटो

  • आवेदक की वार्षिक आय (आईटीआर) के बारे में विवरण

  • पुराना रद्द/सरेंडर किया हुआ राशन कार्ड (यदि कोई हो)

फॉर्म जमा (Application Form for Ration Card) करते समय बताए गए सभी दस्तावेजों के साथ राज्य सरकार द्वारा तय की गई फीस जमा करें। इसके बाद आपकी फाइल को फील्ड वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया लगभग 30 दिनों के भीतर पूरी होती है। यदि आवेदक द्वारा दी जानकारी सही पाई जाती हैं तो राशन कार्ड बन जाता है। अगर दस्तावेजों में दी गई जानकारी झूठी या गलत पाई जाती हैं तो यह एक आपराधिक मामला बन जाता है।

कैसे ट्रांसफर होगा राशन कार्ड (How to Transfer Ration card)

कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि लोग निजी और व्यावसायिक (रोजगार के लिए) कारणों से दूसरे राज्यों में बस जाते हैं। ऐसे में राशन कार्ड भी दूसरे राज्य में ट्रांसफर (Transfer of Ration Card) करना जरूरी है। या फिर नए राज्य में नया राशन कार्ड बनवाने से पहले पूर्व राज्य के राशन कार्ड को निरस्त करना होता है। कोई भी परिवार एक समय में दो राशन कार्ड (अलग-अलग राज्य) नहीं रख सकता। इसके साथ ही जब किसी महिला की शादी हो जाती है और वह अपने पति के घर चली जाती है, तो नए परिवार के राशन कार्ड में नाम जुड़वाने से पहले उसे अपने पुराने राशन कार्ड से नाम हटवाना होगा।

कैसे ट्रांसफर करें राशन कार्ड

यदि आपका परिवार एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट हुआ है तो आपको नए क्षेत्रीय राशन कार्यालय में नए पते के प्रमाण के साथ एक लिखित एप्लीकेशन और ट्रांसफर फीस जमा करनी होगी। इसके बाद राशन कार्ड ट्रांसफर किया जाएगा।

वहीं, शादी के मामले में सबसे पहले महिला को अपने माता-पिता के राशन कार्ड से नाम हटाना होगा। इसके बाद वह पति के परिवार कार्ड में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकती है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विवाह प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा।

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