Death Certificate: बड़े काम का होता है मृत्यु प्रमाण पत्र, जानें बनवाने का सही तरीका

Death Certificate: बड़े काम का होता है मृत्यु प्रमाण पत्र, जानें बनवाने का सही तरीका
Death Certificate: बड़े काम का होता है मृत्यु प्रमाण पत्र, जानें बनवाने का सही तरीका

नई दिल्ली: Know About Death Certificate: किसी भी बच्चे के जन्म के समय जिस तरह जन्म प्रमाण पत्र बनाया जाता है, ठीक उसी तरह व्यक्ति की मृत्यु के वक्त भी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया जाता है। दरअसल, मृत्यु प्रमाण पत्र एक ऐसा सरकारी दस्तावेज होता है, जो संबंधित व्यक्ति के जीवित ना होने की पुष्टि करता है। यह प्रमाण पत्र कई जगहों पर काम आता है।

क्या है मृत्यु प्रमाण पत्र (What is Death Certificate)

मृत्यु प्रमाण पत्र सरकार द्वारा मृतक के रिश्तेदारों को जारी किया गया एक ऐसा सरकारी दस्तावेज है, जिसमें मृत्यु की तारीख, मृत्यु का कारण व इससे जुड़ी सभी जानकारी होती है। कानूनी तौर पर किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के 21 दिनों के अंदर राज्य के साथ मृत्यु दर्ज करना जरूरी है। हालाकि, जानकारी के आभाव में लोग मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन नहीं करते और बाद में उन्हें कई जरूरी कार्यों में परेशानियां उठानी पड़ती हैं।

मृत्यु प्रमाणपत्र होने के क्या फायदे हैं? (Benefits of Death Certificate)

किसी भी मृत व्यक्ति को सामाजिक, कानूनी और आधिकारिक दायित्वों से मुक्त करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र बेहद अहम दस्तावेज है। यह संपत्ति से जुड़े मामलों, विरासत, बीमा, बैंक अकाउंट और अन्य कार्यों में व्यक्ति के जीवित ना होने को कानूनी सबूत है। इसी के जरिए संबंधित व्यक्ति के परिवार वाले उसकी संपत्ति, बीमा या उससे जुड़ी चीजों पर दावा कर सकते हैं।

कैसे बनवाएं मृत्यु प्रमाण पत्र? (How to Make Death Certificate)

मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन के लिए मृतक के निधन का दिन और समय, कारण (अस्पताल, पुलिस स्टेशन या शमशान घाट प्रशासन के पास) रजिस्टर होना जरूरी है।

कौन दे सकता है मृत्यु की सूचना?

मृत्यु की सूचना कौन दे सकता है, इसके लिए जरूरी है कि मृत्यु कहां पर हुई है। जैसे...

  • यदि मृत्यु घर में होती है, तो परिवार का मुखिया मृत्यु की सूचना दे सकता है।

  • यदि में मृत्यु अस्पताल होती है, तो चिकित्सा प्रभारी मृत्यु की रिपोर्ट कर सकते हैं।

  • यदि मृत्यु जेल में होती है तो जेल प्रभारी मृत्यु की सूचना दे सकता है।

  • किसी सुनसान इलाके में मौत होने पर गांव का मुखिया या स्थानीय थाने का प्रभारी इसकी सूचना दे सकते हैं।

हालांकि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1966 अधिकार देता है कि यदि मृत्यु सामान्य परिस्थितियों में होती है, तो परिवार का कोई भी वयस्क प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है।

कौन से दस्तावेज हैं जरूरी

मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित फॉर्म भरना जरूरी है और इसी के जरिए आवेदन करना होगा। इसके साथ निम्नलिखित दस्तावेज भी आवेदक को जमा करने होंगे...

  • मृतक का जन्म प्रमाण पत्र

  • मृत्यु की तारीख और समय की पुष्टि करने वाला शपथ पत्र

  • मृतक के राशन कार्ड की कॉपी

  • कोर्ट फीस

मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को पते और राष्ट्रीयता के प्रमाण के साथ मृतक के साथ अपने रिश्ते का प्रमाण भी देना होगा।

नोट: विभिन्न राज्यों में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया अलग-अलग है। उचित जानकारी हासिल करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://archive.india.gov.in/howdo/howdoi.php?service=2

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