अपनी खाली पड़ी दुकान में लगवाएं SBI का एटीएम, जानिए क्या है बैंक का नियम

अपनी खाली पड़ी दुकान में लगवाएं SBI का एटीएम, जानिए  क्या है बैंक का नियम
How to apply for SBI ATM: अपनी खाली पड़ी दुकान में लगवाएं SBI का एटीएम, जानिए क्या है बैंक का नियम

नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानि एसबीआई हर राज्य में अपनी सेवाएं दे रहा है। एसबीआई ब्रांचों (How to apply for SBI ATM) के साथ-साथ हर इलाके में बैंक अपने एटीएम खोल रहा है। ऐसे में यदि आप भी अपनी खाली पड़ी दुकान में एसबीआई का एटीएम खोलना चाहते हैं, तो आपके पास अच्छा मौका है। एटीएम लगवाने के साथ-साथ बैंक की तरफ से अच्छा पैसा भी दिया जाता है।

कैसे लगवाएं एसबीआई का एटीएम

अगर आपके पास भी अपनी दुकान या जमीन खाली है, तो आप वहां एसबीआई का एटीएम (How to apply for SBI ATM) लगवा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह आप एटीएम के लिए अपनी जमीन किराए पर दे सकते हैं। इसके साथ ही आपको बताएंगे कि एटीएम से कैसे कमाई होती है और एटीएम लगवाने का क्या तरीका है।

एसबीआई का एटीएम (How to apply for SBI ATM) लगवाने के लिए सबसे पहले आपको बैंक से संपर्क करना होगा। बैंक की तरफ से बताए गए नियम के अनुसार, एटीएम लगवाने के लिए आवेदन आपके इलाके में कार्यरत एसबीआई क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय (RBO) में देना होगा। बैंक ने इस संबंध में RBO का पता जानने के लिए वेबलिंक जारी किया है। इस लिंक https://t.co/22djS1UqNp पर जाकर आप आरबीओ की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे लगवाएं एटीएम?

यदि आप एटीएम (How to apply for SBI ATM) से कमाई करना चाहते हैं तो आपके पास सबसे पहले एक खाली जगह होनी चाहिए। जमीन इतनी हो कि वहां एटीएम का सेटअप लगाया जा सके। यह जगह एक दुकान भी हो सकती है, लेकिन दुकान एटीएम के हिसाब से थोड़ी बड़ी हो। सीधे बैंक से संपर्क करने के अलावा कई एजेंसियां भी एटीएम लगवाने का काम करती है। आप इन एजेंसियों से भी संपर्क कर सकते हैं। इन एजेंसियों में मुथूट एटीएम, टाटा इंडीकैश एटीएम, इंडिया वन एटीएम जैसे कई नाम शामिल हैं।

कैसे होगी कमाई?

एटीएम लगवाने (How to apply for SBI ATM) के बाद दो तरीके से कमाई होती है। पहला तो यह कि आप अपनी जमीन को महीने के हिसाब से किराए पर दे दें। ऐसे में बैंक आपको हर महीने कांट्रेक्ट के हिसाब से तय किराया देता है। वहीं दूसरे तरीके की बात करें तो कई कंपनियां ट्रांजेक्शन के आधार पर डील करती हैं। मतलब, सीधा सा है कि, उस एटीएम में जितनी ज्यादा ट्रांजेक्शन होंगी, जमीन के मालिक का उतना ही फायदा होगा। यानी ट्रांजेक्शन के आधार पर किराया दिया जाता है। वैसे महीने का किराया जगह और दुकान या प्रॉपर्टी के साइज पर भी निर्भर करता है।

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