बेअसर हुई कोरोना के खिलाफ की गई अपील, मर्चेंट्स एसोसिएशन चिंतित

बेअसर हुई कोरोना के खिलाफ की गई अपील, मर्चेंट्स एसोसिएशन चिंतित
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हैदराबाद, 14 अप्रैल (हि.स.)। तेलंगाना के हैदराबाद किराना मर्चेंट्स एसोसिएशन, बेगम बाजार निर्धारित समय के बाद भी कुछ व्यापारियों की दुकानें खुली रखने से चिंतित है। एसोसिएशन ने दो दिन पहले शाम 5 बजे के बाद दुकानें बंद रखने के निर्णय लिया था। बेगम बाजार के कुछ व्यापारी नुकसान का हवाला देकर अपनी दुकानें रात 9 बजे तक संचालित कर रहे हैं,अब एसोसिएशन के समक्ष दुकान निर्धारित समय में बंद रखने के साथ ही व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान से बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। हिंदुस्थान समाचार ने इसकी पड़ताल की तो पाया कि हैदराबाद के थोक बाजार में खजूर व्यापारी और खुदरा व्यापारी रात 9 बजे के बाद भी दुकानें खुली रख रहे हैं। खजूर व्यापारियों का कहना है कि रमजान का माह शुरू हुआ है और निर्धारित समय में यह बिक नहीं सकता। लोग रोजा रखते हैं और दिन में सामग्री खरीदने के लिए कम संख्या में आते हैं। शाम के बाद ही बाजार में रौनक होती है। पिछले साल लॉकडाउन के कारण कमाई नहीं हो पाई थी। इस साल वह काफी उधार लेकर माल बेच रहे हैं। जब तक यह बिक नहीं जाता और कोई विकल्प नहीं है। व्यापारियों का कहना की बड़ी मुश्किल से आर्थिक मंदी से अभी उबरे हैं। वे एसोसिएशन के खिलाफ तो नहीं हैं, लेकिन उनके यहाँ काम करने वाले मजदूरों और ग्राहकों के बारे में भी सोचना है। एसोसिएशन के सहमंत्री अविनाश देवड़ा ने मीडिया को बताया कि एसोसिएशन की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सरकार पिछले साल की तरह लॉकडाउन या कर्फ्यू लगाने के पक्ष में नहीं है। संक्रमण की दर हर रोज राज्य में रफ्तार पकड़ रही है। सरकार की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि स्वयं की सुरक्षा अपने हाथों में है। इसके मद्देनजर एसोसिएशन ने शाम पांच तक दुकानें खुली रखने का निर्णय लिया है। कई व्यापारी भी संक्रमित हैं। इसके पीछे का उद्देश्य ग्राहकों व दुकानदारों की सुरक्षा है। एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया बल्कि प्रस्ताव भी उनकी ओर से ही आया था लेकिन दुकानें निर्धारित समय में बंद रखने और व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान से बचाने के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है। अब असोसिएशन इस बात से चिंतित है कि वह किसी पर यह निर्णय थोप नहीं सकता और व्यवसायियों की परेशानी यह है कि वे पिछले साल के नुकसान से उबर नहीं पाए हैं और इस साल जोखिम ले नहीं सकते। खजूर व्यापारी ने एसोसिशन से अपनी समस्याएँ साझा कीं कि वह निर्धारित समय से अधिक देर तक दुकानें खुली रखने को मजबूर हैं। ऐसे में एसोसिएशन के पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। हिंदुस्थान समाचार / नागराज