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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए किए जा रहे सभी आवश्यक प्रबंध

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रायपुर, 04 मई (हि.स.) । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में राज्य में कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम सहित इलाज के लिए शासन-प्रशासन के समन्वित प्रयास से सभी आवश्यक उपाय तथा प्रबंध किए जा रहे हैं। राज्य में 4 मई की स्थिति में कुल 73 लाख 67 हजार 888 टेस्ट किये गए हैं। इनमें कुल सात लाख 71 हजार 701 कोविड प्रकरण पाए गए, जिसमें से वर्तमान में छह लाख 41 हजार 449 स्वस्थ हो चुके हैं और एक लाख 20 हजार 977 प्रकरण सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना जांच, इलाज तथा कोरोना टीकाकरण की सुविधा बढ़ाने आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं मरीजों के इलाज के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी। कोविड संक्रमण पर नियंत्रण एवं संक्रमितों की पहचान के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में सेम्पलों की जांच की जा रही है। प्रदेश में प्रति 10 लाख की आबादी पर अब तक 2 लाख 56 हजार 506 सेम्पलों की जांच की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुछ गिने-चुने राज्यों में से है, जहां प्रति 10 लाख में सबसे ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो रही है। राज्य में टेस्टिंग क्षमता विशेषकर आरटीपीसीआर एवं ट्रू-नॉट टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने का प्रयास सतत रूप से किया जा रहा है। दैनिक औसत टेस्टिंग माह अप्रैल में बढ़कर 49 हजार 249 हो गई है। छत्तीसगढ़ में प्रति 10 लाख पर 2 लाख 56 हजार 506 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति 10 लाख पर 2 लाख 15 हजार 670 टेस्ट किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 10 लाख आबादी पर 2036 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिदिन 10 लाख आबादी पर 1223 है। राज्य में हो रही कुल कोविड जांच में अक्टूबर 2020 में आरटीपीसीआर जांच का प्रतिशत 26 प्रतिशत था, जो अप्रैल 2021 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया है। राज्य में वर्तमान में 31 शासकीय लैब तथा पांच निजी लैब में ट्रू-नॉट जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। सात शासकीय लैब एवं पांच प्रायवेट लैब में आरटीपीसीआर की जांच सुविधा उपलब्ध है। रैपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक उपलब्ध है। राज्य में वर्तमान में चार नई शासकीय आरटीपीसीआर लैब महासमुंद, कांकेर, कोरबा एवं कोरिया में भी स्थापित की जा रही है तथा प्रत्येक जिले में अतिरिक्त मशीन प्रदाय कर ट्रूनाट लैब की जांच क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है। वर्ष 2020 के अंत में माह में प्रति कोविड पॉजिटिव व्यक्ति पर औसत चार से पांच कॉन्टेक्ट्स को ट्रैक किया जाता था और वर्तमान में औसत सात व्यक्तियों को ट्रैक एवं टेस्ट किया जा रहा है। राज्य में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए राज्य शासन द्वारा छह मेडिकल कालेज और एम्स रायपुर सहित 37 डेडिकेटेड तथा कुल 154 कोविड केयर सेंटर तैयार किए गए हैं। राज्य के प्रत्येक जिले में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल स्थापित किया गया है। शासकीय डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल में पांच हजार 294 बेड तथा कोविड केयर सेंटर में 16 हजार 395 बेड तैयार किए गए हैं। निजी कोविड अस्पताल में कुल नौ हजार 596 बेड तैयार किए गए हैं। कुल उपलब्ध वेंटिलेटर एक हजार 151 हैं। ऑक्सीजेनेटेड बेड की संख्या बढ़ाये जाने हेतु राज्य में 15 नए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांटॅस स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नौ प्लांट्स प्रक्रियाधीन हैं जो अगले एक सप्ताह में स्थापित हो जाएंगे। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन औसतन 2.13 लाख व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 88 प्रतिशत हेल्थकेयर वर्कर, 100 प्रतिशत फ्रंट लाईन वर्कर एवं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 73 प्रतिशत हितग्राहियों को टीकाकरण की प्रथम डोज दी गई है। 62 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर, 59 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 6 प्रतिशत नागरिकों को दूसरा डोज दिया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि यह समय है जब हम सब संगठित होकर कोरोना से बचाव के नियमों का कड़ाई से पालन करें और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र