29 सितम्बर से समस्त कार्यालय शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में संचालित करने के निर्देश
29 सितम्बर से समस्त कार्यालय शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में संचालित करने के निर्देश
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29 सितम्बर से समस्त कार्यालय शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में संचालित करने के निर्देश

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कोरोना संकमण से बचाव एवं श्रृंखला को तोड़ने के लिएआत्मनियंत्रण और जागरुकता आवश्यक-कलेक्टर रायपुर, 28 सितम्बर (हि.स.)। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ एस. भारतीदासन ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने लॉकडाउन स्थाई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम हेतु 21 सितम्बर से 28 सितम्बर तक जोखिम क्षेत्र घोषित करते हुये आम जनता के आवागमन और कार्यालय एवं व्यवसाय संचालन पर प्रतिबंध लागू किया गया था। इसी तरह जिले में व्यवसायिक गतिविधियों के लिये समय-सीमा निर्धारित की गई थी। रायपुर जिले में व्यवसायिक गतिविधियों हेतु समय-सीमा निर्धारित करने एवं सम्पूर्ण जिले को जोखिम क्षेत्र घोषित करने के पश्चात यह अवलोकन किया गया है कि लॉकडाउन स्थायी समाधान नहीं है बल्कि कोरोना वायरस संकमण से बचाव एवं संकमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए शारीरिक दूरी, मास्क एवं समय-समय पर हाथ धोना, सेनिटाइज करना अधिक जरूरी है। इसके साथ-साथ आत्मनियंत्रण और जागरुकता आवश्यक है। कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने कहा कि 29 सितम्बर से समस्त कार्यालय शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में संचालित करने के निर्देश दिए हैं। व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन पर सामान्यत: कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा, किन्तु कोई भी दुकान या व्यावसायिक संस्थान रात 8 बजे के बाद संचालित नहीं होंगे। पेट्रोल पंप एवं मेडिकल दुकानें निर्धारित समय में ही खुलेंगे। रेस्टोरेंट, होटल संचालन एवं टेक-अवे और होम डिलिवरी की अनुमति रात 10 बजे तक ही होगी। कलेक्टर ने कोविड-19 के संकमण के रोकथाम एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की दशा में महामारी रोग अधिनियम, 1897 के अधीन निर्मित विनियम के तहत जुर्माना अधिरोपित करने के निर्देश दिए हैं। सार्वजनिक स्थलों में मास्क या फेस कवर नहीं पहनने की स्थिति में 100 रुपये, गृह एकांतवास के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में 1000 रुपये, सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुये पाये जाने की स्थिति में 100 रुपये, दुकानों या व्यावसायिक संस्थानों के मालिकों द्वारा सामाजिक व शारीरिक दूरी का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में 200 रुपये से दंडित किया जाएगा। यदि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा जुर्माना देने से इंकार किया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट, 1897 यथासंशोधित 2020 सहपठित छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीजेज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 के रेगुलेशन 14 एवं भारतीय दण्ड सहिता, 1860 की धारा 188 के अधीन संबंधित पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यदि किसी दुकान या व्यावसायिक संस्थान में दूसरी बार उल्लंघन पाया जाता है तो उक्त दुकान या व्यावसायिक संस्थान को आगामी 15 दिवस के लिए सील किया जायेगा। हिन्दुस्थान समाचार/चंद्रनारायण शुक्ल-hindusthansamachar.in