होम आईसोलेटड मरीजों को किया जाएगा दो बार काॅल, चिकित्सकीय सलाह के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने निर्देश
होम आईसोलेटड मरीजों को किया जाएगा दो बार काॅल, चिकित्सकीय सलाह के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने निर्देश
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होम आईसोलेटड मरीजों को किया जाएगा दो बार काॅल, चिकित्सकीय सलाह के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने निर्देश

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धमतरी, 07 सितंबर ( हि. स.)। अब जिले में कोराना के ’बिना लक्षण’ अथवा ’कम लक्षण’ वाले मरीजों को होम आईसोलेशन में रखा जा सकता है, लेकिन इन मरीजों का दिन में दो बार टेलीफोन से चर्चा के जरिए हाल-चाल जाना जाएगा। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने इसके लिए जल्द से जल्द 24 घंटे क्रियाशील रहने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.डीके तुर्रे को दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि नियंत्रण कक्ष से हर रोज दिन में दो बार सुबह और शाम होम आईसोलेटेड लोगों को काॅल जाना अनिवार्य होगा। साथ ही नियंत्रण कक्ष में एक लक्षण पंजी भी रखी जाएगी, जिसमें मरीज के स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नोट किया जाएगा। यदि मरीज को सांस संबंधी कोई तकलीफ हो तो उसे तत्काल कोविड केयर अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने पर भी कलेक्टर ने बल दिया है। उक्त निर्देश कलेक्टर ने सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे आयोजित बैठक में दी। उन्होंने बताया कि अब कोरोना के मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की बजाय निजी वाहनों का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही अब सभी विकासखण्डों में भी बिना लक्षण अथवा कम लक्षण वाले मरीजों के लिए आईसोलेशन सेंटर बनाए जाएंगे। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को स्थल का चिन्हांकन कर उसे आईसोलेशन सेंटर के रूप में तब्दील करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिले के कोविड केयर अस्पताल, सभी कोविड केयर सेंटर और आईसोलेशन सेंटरों में राजस्व अधिकारियों की नोडल के रूप में तैनाती की जाएगी, जो कि प्रतिदिन उन केंद्रों का भ्रमण कर वहां की साफ-सफाई, मरीजों को भोजन की उपलब्धता, पानी की व्यवस्था इत्यादि की माॅनिटरिंग करेंगे। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना के संक्रमण से बचाव एवं सुरक्षात्मक उपायों तथा बेहतर इलाज के लिए की जा रही व्यवस्था पर चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि अब स्वास्थ्य विभाग का दायित्व होगा कि वे प्रतिदिन जिले से कोरोना संबंधी मीडिया बुलेटिन जारी करें। इसके अलावा सभी नगरीय निकायों के मुख्य चौक-चौराहों में फ्लैक्स लगाकर कोरोना के प्रति लोगों में जागरूकता लाएं। इसके अलावा यदि कोई कोरोना का मरीज पाया जाता है, तो उसकी काउंसिलिंग कर यह सुनिश्चित करें कि वह कहां इलाज कराना चाहता है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in