स्वाब के स्थान पर ब्लड सैंपल लेकर एंटीजन टेस्ट करने वाले लैब टेक्नीशियन को थमाया कारण बताओ नोटिस
स्वाब के स्थान पर ब्लड सैंपल लेकर एंटीजन टेस्ट करने वाले लैब टेक्नीशियन को थमाया कारण बताओ नोटिस
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स्वाब के स्थान पर ब्लड सैंपल लेकर एंटीजन टेस्ट करने वाले लैब टेक्नीशियन को थमाया कारण बताओ नोटिस

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13 किट हुए बर्बाद, तीन सामान्य महिलाओं को दिखा दिया कोरोना पॉजिटिव दुर्ग, 24 जुलाई (हि.स.)। एंटीजन टेस्ट के लिए स्वाब सैंपल के स्थान पर ब्लड सैंपल लेकर 13 टेस्ट करने वाले लैब टेक्नीशियन को शुक्रवार को सिविल सर्जन के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही नोटिस में यह भी उल्लेखित किया है कि 13 किट के नुकसान की भरपाई क्यों ना आप से की जाए। लैब टेक्नीशियन की इस गलती के कारण 13 किट बर्बाद हुए। साथ ही तीन सामान्य गर्भवती महिलाओं को रिपोर्ट में पॉजिटिव दिखा दिया। दुर्ग जिला सिविल सर्जन डॉ. पुनीत बालकिशोर ने बताया कि लैब टेक्नीशियन राजलक्ष्मी को 13 एंटीजन किट दिए गए थे। ताकि 13 गर्भवती महिलाओं का कोरोना टेस्ट किया जा सके। परंतु लैब टेक्नीशियन के द्वारा टेस्ट करने के लिए स्वाब सैंपल के स्थान पर 13 महिलाओं का ब्लड सैंपल लिया गया। जबकि कीट में केवल स्वाब का ही सैंपल प्रयोग में लाया जाता है। इस बड़ी गलती के कारण सभी 13 रिपोर्ट के परिणाम को शून्य माना गया। परंतु परिणाम में 10 महिलाओं की रिपोर्ट नेगेटिव आई जबकि 3 गर्भवती महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके कारण अस्पताल में हड़कंप भी मच गया था। परंतु यह रिपोर्ट केवल और केवल लैब टेक्नीशियन की गलती के कारण ही पॉजिटिव आई थी। बाद में तीनों ही महिलाओं का किया गया टेस्ट निगेटिव रहा है। डॉक्टर बाल किशोर ने कहा कि इस गलती के लिए लैब टेक्नीशियन राजलक्ष्मी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस में इस गलती के लिए शासकीय संपत्ति का नुकसान होने पर टेक्नीशियन को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हीं से रिकवरी का भी उल्लेख किया जाएगा। स्वाब सैंपल से होता है एंटीजन टेस्ट डॉ. पुनीत बाल किशोर ने बताया कि कोरोना टेस्ट में एंटीबॉडी एवं एंटीजन दोनों ही प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं। परंतु एंटीजन टेस्ट की प्रमाणिकता शत-प्रतिशत मानी जाती है। एंटीजन टेस्ट के लिए मरीज के मुंह या नाक से स्वाब लिया जाता है। जबकि एंटीबॉडी टेस्ट के लिए ब्लड लिया जाता है। टेक्नीशियन के द्वारा यही गलती की गई। एंटीजन टेस्ट किट में स्वाब के स्थान पर मरीज का ब्लड लेकर टेस्ट किया गया। जिसके कारण 13 किट खराब हो गए। हिन्दुस्थान समाचार / अभय जावड़े / गेवेन्द्र-hindusthansamachar.in