विस में जनजातिय संवैधानिक सुरक्षा पर पर होगी चार्चा
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विस में जनजातिय संवैधानिक सुरक्षा पर पर होगी चार्चा

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इटानगर, 26 अगस्त (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश की जनजातियां अपने संवैधानिक सुरक्षा की मांग काफी समय से करती आ रही हैं। इसके मद्देनजर आगामी 27 अगस्त से आरंभ होने जा रहे विधानसभा सत्र के दौरान अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय लोगों के संवैधानिक सुरक्षा के उपायों के लिए एक प्रस्ताव पर चर्चा किये जाने की जानकारी मिली है। ज्ञात हो कि अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय लोगों ने राज्य के आदिवासी अधिकारों के संवैधानिक संरक्षण की मांग करते आ रहे थे। इस मुद्दे पर गत 19 अगस्त को राजधानी इटानगर में राज्य के उप मुख्यमंत्री चोना मीन के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें राज्य के सभी समुदायों के नेता, छात्र संगठनों के नेता, राजनीतिक नेता और कानूनी विषेज्ञों ने हिस्सा लिया था। बैठक में समुदायों के नेताओं के सुझावों वाली रिपोर्ट को राज्य के मुख्य मंत्री पेमा खांडू को उप मुख्यमंत्री ने सौंपा था। रिपोर्ट पर खांडू कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि आदिवासी अधिकारों के संवैधानिक संरक्षण मामले को विधानसभा में पेश किया जाएगा। 27 अगस्त को विधानसभा में स्थानीय लोगों के अधिकारों को संरक्षित करने के लिए संविधान की 6वीं अनुसूची में शामिल करने की प्रमुख मांग भी रिपोर्ट में शामिल थी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करना, अरुणाचल के संबंध में विशेष प्रावधान अनुच्छेद 371 (एच) में संशोधन कर अरुणाचल की जनजातियों के धार्मिक व सामाजिक प्रथाओं के संरक्षण के लिए कानून को और मजबूत करना, प्रचलित कानून और अरुणाचल की जनजातियों की प्रक्रियाएं, नागरिक और आपराधिक न्याय के प्रशासन को अरुणाचल की जनजातियों के प्रचलित कानूनों के अनुसार निर्णय, भूमि और इसके संसाधनों का मालिकाना हक देना शामिल है। इस मामले को विधानसभा से पारित कर राज्य सरकार ने केंद्र को प्रेषित करने की तैयारी की है। हिन्दुस्थान सामाचार /तागू / अरविंद-hindusthansamachar.in