लाकडाउन में बेसहारा मवेशियों व कुत्तों की नहीं मिट रही भूख
लाकडाउन में बेसहारा मवेशियों व कुत्तों की नहीं मिट रही भूख
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लाकडाउन में बेसहारा मवेशियों व कुत्तों की नहीं मिट रही भूख

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धमतरी 27 सितंबर ( हि. स.)। शहर में कोरोना वायरस से बचाव व सुरक्षा के लिए लागू लाकडाउन से बेसहारा मवेशी व कुत्तों की परेशानी बढ़ गई है, उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाने को भोजन व अन्य सामग्री नहीं मिल रहे हैं। कुत्तों की भूख नहीं मिटने से उनके व्यवहार में भी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। धमतरी शहर में लाकडाउन (कंटेनमेंट जोन) 22 सितंबर से लागू हुआ है। 27 सितंबर को कंटेनमेंट का छठवां दिन है। पिछले एक सप्ताह से शहर की सभी किराना दुकानें, इतवारी, गोल और रामबाग की सब्जी बाजार और होटलों के बंद होने से शहर में घूमने वाले बेसहारा मवेशियों व कुत्तों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में बेसहारा मवेशियों और कुत्तों को भोजन नसीब नहीं हो पा रहा है। आवारा कुत्तों के पेट नहीं भरने से उनके व्यवहार में अब परिवर्तन आने लगा है। चौक-चौराहों पर झुंड में एकत्र होकर वह भौंकने लगा है। वहीं बेसहारा मवेशी बंद दुकानों के आसपास और लोगों के घरों के दरवाजे के पास बैठे हुए नजर आ रहे हैं, ताकि उन्हें कुछ खाने को मिल जाए। कंटेनमेंट लागू होने के बाद से इन बेसहारा मवेशियों के लिए जिला प्रशासन की ओर से खाने की कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में वह भूखे-प्यासे है। ज्यादातर मवेशियों के पेट खाली नजर आ रहे हैं। शहर के कुछ लोग बेसहारा मवेशी व कुत्तों की भूख मिटाने के लिए कंटेनमेंट के बीच सेवा कार्य करते हुए दो चार रोटी खिला रहे हैं, ताकि कुछ राहत मिल जाए। शहर की सड़कों पर मवेशियों और कुत्तों की संख्या अधिक होने से उनकी पूरी भूख नहीं मिट पा रही है। शहर के सदर रोड, इतवारी बाजार, गोल बाजार, रामबाग बाजार और चौक चौराहों पर संचालित दुकानों के पास मवेशियों और कुत्तों की झुंड लगा रहता है, लेकिन भोजन नहीं मिलने से अब परेशान हो गए हैं। लॉकडाउन में की थी व्यवस्था लॉकडाउन शुरू हुआ तो उस समय जिला प्रशासन के माध्यम से शहर में घूमने वाले बेसहारा मवेशी व कुत्तों के लिए हरा चारा, तोस, बिस्किट और रोटी की व्यवस्था की गई थी इससे मवेशियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। लेकिन कंटेनमेंट के बीच चारा, दाना व रोटियों की व्यवस्था नहीं होने से मवेशियों की भूख नहीं मिट पा रही है। ऐसे में शहर के अंदर घूमने वाले बेसहारा मवेशी अब खेत-खलिहान की ओर रुख कर रहे हैं,ताकि उन्हें हरा चारा मिल सके। चारा के तलाश में बेसहारा मवेशी खेतों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में खेतों में तैयार धान फसल को मवेशियों से खतरा बना हुआ है। शहर के गोकुलपुर, बठेनापारा वार्ड, महात्मा गांधी वार्ड और सोरिद वार्ड के किसान फसल की रखवाली भी कर रहे हैं, ताकि शहर के बेसहारा मवेशी फसल को न खाएं। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in