रामपुर कोर्ट ने टाली सुनवाई, अब 17 मार्च तक पत्नी और बेटे संग जेल में रहेंगे आजम

रामपुर कोर्ट ने टाली सुनवाई, अब 17 मार्च तक पत्नी और बेटे संग जेल में रहेंगे आजम

रामपुर कोर्ट ने टाली सुनवाई, अब 17 मार्च तक पत्नी और बेटे संग जेल में रहेंगे आजम रामपुर, 29 फरवरी (हि.स.)। रामपुर के सांसद आजम खान, पत्नी तंजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को 47 मामले और जमानत को लेकर आजम खान परिवार संग रामपुर कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के बाद एडीजे छह ने अगली तारीख 17 मार्च को दी है, तब तक आजम पत्नी और बेटे संग सीतापुर जेल में ही रहेंगे। धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद सपा सांसद आजम खां, पत्नी और बेटे संग शनिवार की सुबह सीतापुर जेल से निकले और दोपहर को रामपुर कोर्ट पहुंचे। इस दौरान कोर्ट के बाहर आजम के समर्थकों की भीड़ मौजूद रही। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजम और उनके परिवार को कोर्ट में पेश किया। आजम ने भैंस चोरी समेत 47 मामलों में आत्मसमर्पण और जमानत याचिका दायर की थी। इन्हीं मामलों की सुनवाई करते हुए अदालत ने अगली तारीख 16 और 17 मार्च दी है। जमानत न मिलने पर अब आजम खान, पत्नी और बेटे संग 17 मार्च तक जेल में ही रहेंगे। आतंकवादी जैसा हुआ व्यवहार सीतापुर जेल से रामपुर कोर्ट रवाना होने के दौरान आजम खान ने मीडिया कर्मियों से कहा था कि जेल के अंदर उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार हुआ है। वहीं, रामुपर कोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खां की बहू ने सीतापुर जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें और उनके बेटे को आजम से मिलने नहीं दिया था। आजम के इस बयान पर सीतापुर के जेल अधीक्षक डीसी मिश्र ने कहा कि आजम के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया है। हमने उन्हें जेल मैनुअल के हिसाब से ही सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी है। जेल प्रशासन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। तीन घंटे तक ड्रामाबाजी के बाद रामपुर पहुंचा आजम का परिवार इससे पहले आजम, उनकी पत्नी और बेटे को जब सीतापुर जेल से रवाना करने की तैयारी चल रही थी तो तंजीन फात्मा ने कमर में दर्द के कारण पुलिस के मिनी ट्रक में जाने से इनकार कर दिया। उनके दूसरे वाहन से जाने के लिए अड़ जाने पर लगभग तीन घंटे तक ड्रामा चला। पुलिस को सुरक्षित वाहन की तलाश में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने आजम और उनकी पत्नी को एक थाने की सूमो से रामपुर भेजा गया। जेल के अंदर ही आजम खां तथा उनकी पत्नी सूमो में सवार हुए। जबकि पुत्र अब्दुल्ला आजम खां को पुलिस मिनी ट्रक से लेकर गई। उनके रवाना होने से पहले सीतापुर जेल परिसर में सुरक्षा के इंतजाम कड़े थे। जेल के बाहर भी बड़ी तादाद में फोर्स तैनात थी। हिन्दुस्थान समाचार/दीपक/संजय-hindusthansamachar.in