मूर्ति स्थापना स्थल पर संक्रमित होने पर ईलाज समिति करवाएगा : कलेक्‍टर
मूर्ति स्थापना स्थल पर संक्रमित होने पर ईलाज समिति करवाएगा : कलेक्‍टर
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मूर्ति स्थापना स्थल पर संक्रमित होने पर ईलाज समिति करवाएगा : कलेक्‍टर

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पूजा की अवधि के दौरान कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित होने पर पूजा तत्काल बंद करना होगा जगदलपुर, 2 अगस्त (हि.स.)। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए गणेश उत्सव के लिए कलेक्टर ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशो के मुताबिक इस बार गणेश उत्सव के दौरान चार फीट ऊंचाई और चार फीट चैड़ाई से अधिक आकार की गणेश मूर्तियां पंडालो में स्थापित नहीं की जा सकेंगी। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15-15 फिट से अधिक नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण सक्रमित हो जाता है, तो ईलाज या सम्पूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जायेगा। कटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है, तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। गणेश पंडालो के सामने कम से कम 05 हजार वर्ग फिट की खुली जगह भी रखनी होगी। इसके साथ ही घरों पर गणेश प्रतिमाओ की स्थापना के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा अनुमति लेनी होगी। इसके लिए संबंधित अनुभाग के एसडीएम कार्यालय में सात दिन पहले आवेदन देना होगा। गणेश उत्सव समिति को आने वाले श्रद्वालुओं के नाम पता भी नोट करना होगा। 5 हजार वर्ग फिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित नहीं होना चाहिए। पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए अलग से पंडाल नहीं लगाया जाएगा। दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगेंगी। किसी भी स्थिति में एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक मौजूद नहीं होंगे। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति को रजिस्टर संधारित करना होगा, जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पताएवं मोबाईल नम्बर दर्ज किया जाएगा। ताकि उनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यूमैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था करनी होगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संक्रमित सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश से रोकने की जिम्मेदारी समिति की होगी। हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे-hindusthansamachar.in