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महिंद्रा महज 7500 रुपये का बना रही वेंटिलेटर,  3 दिन में प्रोटोटाइप हो जाएगा तैयार

महिंद्रा महज 7500 रुपये का बना रही वेंटिलेटर, 3 दिन में प्रोटोटाइप हो जाएगा तैयार

महिंद्रा महज 7500 रुपये का बना रही वेंटिलेटर, 3 दिन में प्रोटोटाइप हो जाएगा तैयार नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे देशवासियों के लिए वेंटिलेटर की बड़े पैमाने पर जरूरत के बीच दिग्गज ऑटोमेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एक अच्छी खबर दी है। कंपनी ने कहा कि उसे एक ऐसा वेंटिलेटर बना लेने की

उम्मीद है, जिसकी कीमत मात्र 7,500 रुपये तक होगी, जिसका प्रोटोटाइप तीन दिन के अंदर तैयार हो जाने की उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट करके गुरुवार को बताया कि हमारी कंपनी बैग वॉल्व मास्क वेंटिलेटर, जिसे बोल-चाल की भाषा में अंबु बैग कहा जाता है, बनाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि इसके एक प्रतिरूप (प्रोटोटाइप) के लिए 3 दिनों में मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि फिलहाल देश में लगभग 40 हजार वेंटिलेटर ही मौजूद हैं, जिनमें से अधिकतर मेट्रो शहरों, मेडिकल कॉलेजों और प्राइवेट अस्पतालों में ही उपलब्ध हैं। महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट में कहा कि हम इसके साथ ही आईसीयू वेंटिलेटर बनाने वाली एक स्वदेशी कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन परिष्कृत मशीनों की कीमत 5 लाख से 10 लाख रुपये के बीच होती है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि हमारी टीम द्वारा तैयार ये उपकरण (अंबु बैग) आपात स्थिति में कुछ देर तक जीवन की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। टीम का अनुमान है कि इसकी कीमत 7,500 रुपये से कम होगी। उल्लेखनीय है कि देश में कोरोना की महामारी को देखते हुए आपात स्थिति में वेंटिलेटर बेहद महत्वपूर्ण उपकरण हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने इससे पहले कहा था कि उनकी कंपनी वेंटिलेटर का डिजाइन सरल बनाने तथा इनका उत्पादन तेज करने के लिए एक मौजूदा विनिर्माता के साथ ही दो बड़े सार्वजनिक उपक्रमों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा गोयनका ने हमारा उद्देश्य वेंटिलेटर के डिजाइन को सरल बनाकर इनका उत्पादन तेज करने में इन कंपनियों की मदद करना है। दूसरी तरफ हम अंबु बैग के एक स्वचालित संस्करण पर काम कर रहे हैं। हमें मंजूरी के लिए 3 दिन में प्रोटोटाइप तैयार कर लेने की उम्मीद है। मंजूरी मिल जाने के बाद यह डिजाइन विनिर्माण के लिए हर किसी को उपलब्ध हो जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश/सुनीत
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