मंडी में प्रति दिन पहुंच रहा चार हजार क्विंटल धान,  किसानी खर्च निकालने धान बेंच रहे किसान
मंडी में प्रति दिन पहुंच रहा चार हजार क्विंटल धान, किसानी खर्च निकालने धान बेंच रहे किसान
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मंडी में प्रति दिन पहुंच रहा चार हजार क्विंटल धान, किसानी खर्च निकालने धान बेंच रहे किसान

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धमतरी। 10 सितंबर ( हि. स.)। कोरोना संकट के बीच कृषि उपज मंडी में धान की आवक बढ़ गई है। मंडी में प्रति दिन पहुंच रहा साढ़े तीन से चार हजार क्विंटल धान बिकने के लिए पहुंच रहा है। गुरूवार को किसानों ने यहां चार हजार क्विंटल धान बेचा। किसानों को 11सौ रुपये से लेकर 1560 रुपये क्विंटल का भाव मिला। कृषि उपज मंडी श्यामतराई में इन दिनों लगभग चार हजार क्विंटल धान की आवक प्रित दिन हो रही है। धान की तेजी से पकने वाली किस्में आई आर 64, 1001 तेजी से तैयार हो रही है। फसल में निकल आए कीट को नष्ट करने किसान बड़े पैमाने पर कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। दवा छिड़काव, मजदूरी भुगतान सहित अन्य खर्चो को निबटाने के लिए किसान यहां धान बेचने पहुंच रहे हैं। ग्राम श्यामतराई से धान बेचने पहुंचे जयराम साहू, रामकुमार साहू, नवागांव के हृदय राम देवांगन ने कहा कि धान निंदाई, दवा छिड़काव की मजदूरी व अन्य खर्च के लिए रूपये की आवश्यकता है, इसलिए धान बेचने पहुंचे हैं। मंडी कर्मी सजीव वाहिले ने बताया कि कृषि उपज मंडी में गुरुवार 10 सितंबर को कुल चार हजार क्विंटल धान की आवक हुई है। मंडी में आईआर-64 धान 1511 से 1519 रुपये, शांभा नया 1460 से 1470 रुपये, शांभा पुराना 1640 से 1760 रुपये, ओम-थ्री को 1455 से 1560 रुपये, गोल्डन शांभा का दाम 1550 से 1560 रुपये प्रति क्विंटल रहा। मालूम हो कि में कृषि उपज मंडी श्यामतराई में धमतरी जिले अलावा समीपवर्ती जिला बालोद से बड़ी तादाद में धान बिकने के लिए पहुंचता है। शहर से लगे गांव श्यामतराई, भटगांव, सोरम, लोहरसी, रत्नाबांधा, मुजगहन, अर्जुनी, डोड़की, शंकरदाह सहित अन्य गांव के किसान कृषि उपज मंडी श्यामतराई में धान बेंचने के लिए पहुंचते हैं। धान की कीमत हो दो हजार प्रति क्विंटल लोहरसी के किसान जयकुमार साहू, पुसउ साहू, रामकुमार साहू ने कहा कि मंडी में वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। धान की कीमत कम से कम दो हजार क्विंटल होनी चाहिए। आज के महंगाई के दौर में सभी तरह के खर्च को काटने के बाद कम पैसे बचते हैं। उपर से यदि मौसम की मार पड़ी तो नुकसान और बढ़ जाता है। भटगांव के किसान राकेश साहू, नवागांव के राजेश साहू ने कहा कि कोरोना के कारण खेती किसानी के अलावा अधिकांश कार्य बंद होने से काफी नुकसान हुआ है। यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में नुकसान तय है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in