बीमारी व बारिश से दोहरी मार झेल रहे जिले के किसान
बीमारी व बारिश से दोहरी मार झेल रहे जिले के किसान
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बीमारी व बारिश से दोहरी मार झेल रहे जिले के किसान

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धमतरी, 15 अक्टूबर ( हि. स.)। खरीफ धान फसल में लगी बीमारी व बेमौसम बारिश से जिले के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। रूक-रूककर कुछ दिनों के अंतराल में होने वाली बारिश से किसान व्यथित हैं। किसानों का कहना है कि बारिश और हवा-पानी से फसल बच भी जाए तो धान का उचित मूल्य मिलना मुश्किल है, क्योंकि फसल पकने के बाद यदि बारिश हो तो धान का रंग बदरंग हो जाता है, इससे से कीमत में असर पड़ता है। शासन को प्राथमिकता के साथ किसानों को हो रहे नुकसान का आंकलन करना चाहिए। कुरूद ब्लाॅक के ग्राम पचपेड़ी के किसान खेदु राम निषाद, ननकू राम निषाद, ग्राम पंचायत देमार के किसान संतोष सिन्हा, दिनेश कुमार साहू ने बताया कि धान फसल में ब्लास्ट, भूरा माहो, चितरी व बीएलबी जैसे बीमारी लगा हुआ है। कई बार कीटनाशक छिड़काव करने के बाद भी पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। धान फसल में लगी बीमारी के संबंध में सुझाव देने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी नहीं पहुंचते हैं। शासन से छिड़काव के लिए मिला कीटनाशक किसान मित्रों के पास स्टाक में रखा हुआ है, जिसे वे नहीं बेचते। ऐसे में किसान गांव व शहर के कीटनाशक दुकान संचालकों से कीटनाशक खरीद कर छिड़काव करते हैं। इस साल दो से तीन बार कीटनाशक छिड़काव करने के बाद भी राहत नहीं है। जिससे अधिकांश किसान परेशान हैं। बीमारी का विपरीत असर उत्पादन पर पड़ेगा। गोकुलपुर वार्ड के किसान महेश साहू, ग्राम कोलियारी के अनिल कुमार साहू का कहना है कि तैयार हो रही धान फसल बारिश व आंधी तूफान से जमीन पर चटाई की तरह बिछ गई है। फसल पानी में डूबी हुई है। अधिक बारिश होने से फसल के सड़ने की आशंका है। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। ग्राम पंचायत श्यामतराई के किसान बलमा निषाद का कहना है कि इस बार खरीफ फसल में नुकसान होना तय है। इस बार बारिश के कारण तैयार हाे रही फसल का नुकसान पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत मुजगहन के किसान होमेश्वर साहू ने कहा कि तैयार हो रही धान की बालियां पानी पड़ने से खराब होने लगी है। कलर बदलने से रेट में फर्क आएगा। खेत में नमी होने से धान के पौधों के जड़ अब कमजोर होने लगे हैं, जिससे फसल खेत में गिरने लगी है।क्षेत्र के किसानों ने कृषि विभाग से मांग की है कि सर्वे कराकर उन्हें शासन से मुआवजा व बीमा का लाभ दिलाया जाय। धान फसल पर लगी बीमारी से बचाव के लिए कृषि विभाग को गांव में जाकर किसानों की बैठक लेकर फसल बचाने के लिए सुझाव दिया जाना चाहिए, ताकि किसान उचित कीटनाशक का ही फसल पर छिड़काव कर सके और फसल बचाया जा सके। दे रहे सुझाव कृषि उपसंचालक जीएस कौशल ने बताया कि गांव में कृषि विस्तार अधिकारी धान फसल पर लगी बीमारियों को दूर करने के लिए किसानों को सुझाव दे रहे हैं। उनके सुझाव पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं। बेमौसम बारिश से जिले के किसान परेशान हैं। आंधी-तूफान के कारण कई किसानों की धान फसल जमीन पर गिर गई है, इससे उन्हें नुकसान होने की आशंका है। प्रभावित किसानों के धान फसल के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in