बस्तर में हो रहे नाबालिग युवतियों से अनाचार व आत्महत्या गंभीर चिंता का विषय– के. के. ध्रुव
बस्तर में हो रहे नाबालिग युवतियों से अनाचार व आत्महत्या गंभीर चिंता का विषय– के. के. ध्रुव
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बस्तर में हो रहे नाबालिग युवतियों से अनाचार व आत्महत्या गंभीर चिंता का विषय– के. के. ध्रुव

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कोंडागाँव ,17 अक्टूबर(हि.स.)। केशकाल विधान सभा के पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने बस्तर अंचल में लगातार नाबालिग युवतियों के साथ हो रहे अनाचार-हत्या व आत्महत्या को लेकर कहा कि यह समाज व शासन प्रशासन के लिए एक गंभीर सोचनीय विषय है। चिंता व्यक्त करते पूर्व विधायक ने कहा की बाल अधिकार आयोग महिला आयोग एवं सरकार को बढ़ते महिला अपराध एवं आत्महत्या के प्रकरणों पर गंभीरता से गौर करना चाहिए। पूर्व विधायक ध्रुव का कहना है कि गांव में आज भी अशिक्षा ,अज्ञानता है और प्रभावी लोगों का बोलबाला है।जिसके चलते गैंगरेप -आत्महत्या जैसे गंभीर ह्रदयविदारक अपराधों को दबा दिया जाता है। जैसे की अभी हाल में फरसगांव तहसील धनौरा थाना के छोटे ओडागांव का मामला उजागर हुआ है। पूर्व विधायक ने कहा कि यदा- कदा छोटे ओडागांव जैसा मामला उजागर हो जाता है और उसमें देशभक्ति- जनसेवा का तमगा लगाने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की भूमिका भी उजागर हो जाती है । उसे बहुत सामान्य तौर पर लेते हुए निलम्बित करके बख्श देने की कोशिश किया जाता है। पुलिस वाले ने आदिवासी महिला को हवस का शिकार बनाया पूर्व विधायक ध्रुव ने पुलिस विभाग के रवैय्यै पर क्षोभ व्यक्त करते कहा है कि एक पुलिस वाला ही केशकाल बडपारा की रहने वाली गरीब आदिवासी लड़की को अपनी हवश का शिकार बनाकर उसे एक बच्ची की मां बनाकर उलाहना और ठोकर खाने छोड़ दिया।अंततः वह लड़की असमय ही मर गयी। मां के मरने के बाद आज उसकी नन्ही बच्ची माता -पिता के साये से मरहूम रहकर अपने मामा-मामी के आसरे जीने को लाचार हो गयी है। आत्महत्या मानकर पुलिस निपटा देती है मामले को पूर्व विधायक का कहना है कि जब भी कोई नाबालिग बच्ची और अविवाहित कुंवारी लड़की यातना -प्रताड़ना वश आत्महत्या करके अपनी जान दे देती है तो उसे बड़ी सहजता से लेते हुए आत्महत्या मानकर पुलिस अपने कर्त्तव्य की इति श्री कर लेती है । मौत के कारण पर सवाल करने पर बड़ी मासूमियत से यह बता दिया जाता है कि पी एम रिपोर्ट में डाक्टर ने आत्महत्या बताया है इसलिए अब हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने मांग की कि हूं कि महिला आयोग चाईल्ड हेल्प और सरकार को इस तथ्य की ओर बहुत संवेदना एवं गंभीरता पूर्वक चिंतन- मनन करके पोस्टमार्टम के संबंध में नया दिशा निर्देश जारी करना चाहिए ,जिससे लैंगिक शोषण के चलते बढ़ते मौत के आंकड़ों पर अंकुश लग सके। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव गुप्ता-hindusthansamachar.in