प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन तथा उनको कुशलता के आधार पर नियोजित करें: कलेक्टर
प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन तथा उनको कुशलता के आधार पर नियोजित करें: कलेक्टर
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प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन तथा उनको कुशलता के आधार पर नियोजित करें: कलेक्टर

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बलरामपुर, 15 अक्टूबर (हि.स.) । संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को कलेक्टर श्याम धावड़े के अध्यक्षता में श्रम विभाग के जिलापदाधिकारी तथा श्रम निरीक्षको की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में श्रम विभाग के विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा के अलावा कोविड-19 के कारण वापस आये प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन तथा उनको कुशलता के आधार पर रोजगार में नियोजित करने के संबंध में जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। कलेक्टर ने पंजीकृत श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु तथा दिव्यांग सहायता योजना, भगिनी प्रसूति योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मेधावी छात्रवृत्ति योजना से पात्रतानुसार लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 120 गांवों को पायलट प्रोजेक्ट अंतर्गत शामिल करने की योजना में दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत श्रमिकों को प्राथमिकता देने की बात कही। कलेक्टर श्री धावड़े ने श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने तथा मानव श्रम शोषण रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश के अलावा श्रम निरीक्षकों को निर्माण कार्य स्थल का निरीक्षण कर श्रम कानून का पालन तथा बाल श्रम को रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही कर प्रगति से अवगत कराने के साथ साथ वर्तमान समय में बचे सभी प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन आगामी 15 दिन में पूर्ण कर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि श्रम निरीक्षक जनपद कार्यालय के मदद से विभागीय समन्वय के साथ प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करें।क्योंकि कोविड-19 के कारण जिले में वापस आए करीब 5 हजार 733 श्रमिकों में से 2500 श्रमिकों का पंजीयन पूर्ण हो चुका है। कलेक्टर ने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनमें भगिनी प्रसुति सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला श्रमिकों को गर्भधारण के सत्यापन के पश्चात 10 हजार की सहायता राशि प्रदान की जाती है। प्रसुति योजना का लाभ अधिकतम 2 बार प्रसव हेतु दिया जायेगा तथा पंजीयन के 90 दिनों के उपरांत ही लाभ की पात्रता होगी। इसके साथ ही नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों को कक्षा 1ली से स्नातकोत्तर तक अध्ययन हेतु 1 हजार से 10 हजार की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। योजना का लाभ लेने हेतु निर्धारित प्रपत्र में संबंधित विद्यालय/महाविद्यालय के संस्था प्रमुख द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत 18 से 60 वर्ष के पंजीकृत श्रमिक के मृत्यु होने की दशा में 1 लाख रूपये तथा स्थायी अपंगता की स्थिति में 50 हजार की सहायता राशि दी जायेगी। हितग्राही निर्माण श्रमिक की मृत्यु उपरान्त 90 दिवस के भीतर आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य है। हिन्दुस्थान समाचार/विक्की-hindusthansamachar.in