पूर्व सीएम ने पीएम आवास योजना बंद करने का लगाया आरोप, पत्र ल‍िख राज्‍यांश भेजने का क‍िया आग्रह
पूर्व सीएम ने पीएम आवास योजना बंद करने का लगाया आरोप, पत्र ल‍िख राज्‍यांश भेजने का क‍िया आग्रह
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पूर्व सीएम ने पीएम आवास योजना बंद करने का लगाया आरोप, पत्र ल‍िख राज्‍यांश भेजने का क‍िया आग्रह

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रायपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना बंद करने के साथ-साथ राज्य सरकार पर गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि पिछले दो वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र को राज्यांश नहीं भेजा है, जिसकी वजह से केंद्र ने अगली किश्त की राशि रोक दी है। उन्होंने आग्रह किया है कि राज्य के हिस्से की राशि तत्काल केंद्र को उपलब्ध करायें, वहीं बजट में भी इस योजना की राशि के प्रावधान की मांग की है। रमन सिंह ने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी को घर देने का लक्ष्य रखा है। उनकी सरकार में इस योजना का ठीक क्रियान्वयन हो रहा था, लेकिन सरकार बदलते ही इस योजना का पर ग्रहण लग गया। राज्य ने अपने हिस्से की राशि केंद्र को देना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना में 60 प्रतिशत केंद्र सरकार का व 40 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होता है। 2018-19 का 792 करोड़ और 2019-20 का 762 करोड़ यानि कुल 1554 करोड़ रुपये की हिस्से की राशि नहीं दिया है। जिसके कारण केंद्र सरकार ने आगामी किस्त की राशि राज्य सरकार को जारी नहीं की है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 की राशि का प्रावधान भी प्रदेश के बजट में नहीं किया गया है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पूरे देश में 2 करोड़ 50 हजार आवास का निर्माण होना है, जिसमें से 8 लाख आवास छत्तीसगढ़ में बनना है। लेकिन राज्य सरकार ने बजट का प्रावधान न कर राज्य के गरीब परिवार जिन्होंने अपने घर का सपना देखा था उसे तोड़ रही है। वहीं उन्होंने कहा कि तेंदुपत्ता संग्राहकों का दो वर्ष का बोनस की राशि भी राज्य सरकार ने नहीं दिया है, जिससे आदिवासी गरीबों की स्थिति दयनीय हो गई है। रमन सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य अपना अंश तत्काल उपलब्ध कराये। वहीं प्रदेश के बजट में भी प्रर्याप्त राशि का प्रावधान करें। हिन्दुस्थान समाचार/चंद्रनारायण शुक्ल-hindusthansamachar.in