पंजीयन के बाद गौठान समितियों को  बेचे गए गोबर का हर पखवाड़े ग्रामीण पाएंगे भुगतान
पंजीयन के बाद गौठान समितियों को बेचे गए गोबर का हर पखवाड़े ग्रामीण पाएंगे भुगतान
news

पंजीयन के बाद गौठान समितियों को बेचे गए गोबर का हर पखवाड़े ग्रामीण पाएंगे भुगतान

news

कोरिया 30 जुलाई(हि.स.)। गोधन न्याय योजना से जुड़ने वाले गोबर विक्रेताओं को पंजीयन के बाद गौठान समितियों की खरीदी रिपोर्ट के आधार पर जिला सहकारी बैंक के माध्यम से 2 रूपए प्रतिकिलो की दर से प्रत्येक पखवाड़े में आनलाइन भुगतान प्राप्त होगा। गौठान समितियों के खाते सहकारी बैंकों में होंगे और ग्रामीण गोबर विक्रेता किसी भी बैंक में अपना खाता संचालित कर सकेंगे। इसके लिए उन्हे अपनी आधार खाता, बैंक खाता सहित कुछ अन्य जानकारी निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। गोधन न्याय योजना के मैदानी क्रियान्वयन पर जानकारी देते हुए जिला पंचायत की मुख्यकार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति ने बताया कि गोबरधन की खरीद और उसके बाद हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरण की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। इस पर जिला स्तर से कार्यवाही की जा रही है। सभी जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी ग्राम गौठान समितियों के खाते सहकारी बैंक की शा खाओं में खोले जा चुके हैं। अब किसानों के पंजीयन के साथ उनके खाते आदि का विवरण एकत्र कराया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीद की इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सीइओ तूलिका प्रजापति ने बताया कि गोबर की खरीद के साथ वर्मी कंपोस्ट के बिक्री तक की पूरी कार्यवाही का आनलाइन संधारण किया जाएगा। साथ ही कंपोस्ट के बेचने पर होने वाले लाभ का भी डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों के खातों में किया जाएगा।। जिला पंचायत सीइओ तूलिका प्रजापति ने आगे बताया कि ग्राम गौठान समितियों के द्वारा स्व सहायता समूह के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य किया जाएगा। बनी हुई खाद को कोई भी किसान कृषि ऋण वस्तु के रूप में अपनी सहकारी साख समितियों के माध्यम से ले सकेगा साथ ही नगद भी यह खाद किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध हो सकेगी। हिन्दुस्थान समाचार/महेन्द्र पाण्डेय-hindusthansamachar.in