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नेहरू के बिना हम मानो एक अलग ग्रह पर सांस ले रहे होते

नेहरू के बिना हम मानो एक अलग ग्रह पर सांस ले रहे होते

जवाहरलाल नेहरू जैसा सिपाही यदि गांधी को आजादी के आंदोलन में नहीं मिलता तो 1927-28 के बाद भारत के नौजवानों को अपनी नाराज और बगावती अदा के बल पर गांधी के सत्याग्रही खेमे में खींचकर लाने वाला और कौन था? नेहरू ने उन सारे नौजवानों को अपने साथ लिया जो गांधी के तौर-तरीकों से नाराज थे और बार-बार उन्होंने लिखकर बोलकर अपनी असहमति का इजहार किया उन्होंने तीस की उस पीढ़ी को जबान दी जो बोलशेविक क्रांति से प्रभावित होकर कांग्रेस के बेजुबान लोगों को लड़ाकू हथियार बनाना चाहती थी लेकिन यह सारा काम उन्होंने कांग्रेस की केमिस्ट्री के दायरे में किया और उसका सस्मान करते हुए किया यदि वे 1932-33 में सनकी
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