निजी अस्पतालों मे कोविड-19 मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी वसूली, संसदीय सचिव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
निजी अस्पतालों मे कोविड-19 मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी वसूली, संसदीय सचिव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
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निजी अस्पतालों मे कोविड-19 मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी वसूली, संसदीय सचिव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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रायपुर, 07 सितम्बर (हि.स.)। प्रदेश सरकार के लोक निर्माण, गृह, जेल धार्मिक न्यास एवं धर्मस्थ पर्यटन मंत्री विकास उपाध्याय ने निजी अस्पतालों पर हमला किया है। उन्होंने एक पत्र सोमवार को मुख्यमंत्री सीएम भूपेश बघेल के नाम भेजा है। उन्होने आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों मे कोविड-19 मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी वसूली हो रही है। इस बात को लेकर अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में संसदीय सचिव ने कोविड मरीजों से निजी अस्पतालों की मनमानी रवैया को लेकर चिंता जाहिर की है। विकास उपाध्याय ने बताया है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की संख्या में बाढ़ आयी है। लोग बेहतर इलाज के लिए रायपुर स्थित निजी अस्पतालों का रूख कर रहे हैं। देखने में आया है कि निजी अस्पताल संचालक मजबूरी का फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं। यहां तक कि अधिकांश मरीजों का बिल तीन लाख से 10 लाख रूपए बनााया जा रहा है। विकास उपाध्याय ने सीएम से निवेदन किया है कि वर्चुअल मीटिंग कर निजी अस्पताल संचालकों को जरूरी दिशा निर्देश दें। संचालको को वैश्विक महामारी का गलत फायदा उठाने के खिलाफ कदम उठाए। बैठक में अस्पताल संचालकों को बताया जाए कि इस हालत में डाक्टर मानवता का परिचय देते हुए सेवा कार्य को अंजाम दे। यदि निजी अस्पताल संचालक हरकतो से बाज नहीं आते हैं तो लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी करें। पत्र में ससदीय सचिव ने यह भी लिखा है कि छत्तीसगढ़ की आम जनता गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। आर्थिक स्थिति को देखते हुए जरूरी कदम उठाया जाना बहुत जरूरी है। हिन्दुस्तान समाचार /केशव-hindusthansamachar.in