नगरी विकासखंड में पढई तुंहर द्वार का बुरा हाल, मोबाईल चलाने नहीं मिलता नेटवर्क
नगरी विकासखंड में पढई तुंहर द्वार का बुरा हाल, मोबाईल चलाने नहीं मिलता नेटवर्क
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नगरी विकासखंड में पढई तुंहर द्वार का बुरा हाल, मोबाईल चलाने नहीं मिलता नेटवर्क

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धमतरी, 11 सितंबर ( हि. स.)। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में न तो पढई तुंहर द्वार तक पहुँच पा रही है और न ही ऑनलाइन शिक्षा। स्थिति यह है कि नगरी से पांच किलोमीटर दूर बसे गाँवो में भी नेटवर्क ऐसी है कि मोबाइल से बात करने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ता है या फिर छत में चढ़ना पड़ता है। नगरी के समीपस्थ ग्राम गोरेगांव, देवपुर, बोधसेमरा के निवासियों ने बताया कि नेटवर्क के चलते हमारे बच्चों का अध्ययन कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। अमाली के युवाओं ने बताया कि ग्राम पंचायत आमाली में विगत दो वर्षों से एक निजी कंपनी का टावर लगाया गया है, जो केवल शोपीस बनकर रह गया है। इसी तरह क्षेत्र के देवपुर, बोधसेमरा इलाके में इन दिनों मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। किसी भी ऑपरेटर का नेटवर्क नहीं चल रहा है। जिससे मोबाइल उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। एक तरफ रिचार्ज की महंगाई बढ़ गई है और दूसरी तरफ नेटवर्क नहीं होने के कारण रिचार्ज का उपयोग नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण सभी प्रकार के काम व पढ़ाई-लिखाई का काम ऑनलाइन करना पड़ रहा है। जिससे इस क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कई बार शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस है। देवपुर सरपंच आरती ध्रुव का कहना है कि यह समस्या कई महीनों से बनी हुई है। नेटवर्क सुधारने के लिए विभागीय कर्मचारियों को कई बार बोला गया है, लेकिन अभी तक किसी भी तरह का सुधार नहीं हो पाया है। मोबाइल उपभोक्ता हितेश सांग का कहना है कि नेटवर्क समस्या के कारण इस क्षेत्र के बच्चों को सीखने में परेशानी हो रही है। नेटवर्क समस्या से अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कालेज छात्रा चेतना साहू का कहना है कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की बहुत समस्या है जिससे ऑनलाइन पढ़ाई, टेस्ट व 11वीं, 12 वीं के छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। अगर नेटवर्क समस्या को सुधारा न गया तो बच्चों और महाविद्यालय के छात्रों का काफ़ी नुकसान हो जाएगा। वे पढ़ाई में पिछड़ जाएंगे। कई परीक्षाएं ऑनलाइन होने हैं ऐसे में नेटवर्क ही नहीं रहेगा तो बच्चे इन परीक्षाओं में सम्मिलित कैसे होंगे? इन छात्र छात्राओं के सामने यह विकट समस्या भी है कि नेटवर्क के लिए बरसात और गर्मी के दिनों में छत या पेड़ का सहारा भी भला कैसे लें? हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in