नक्सलियों ने ऑनलाइन शिक्षा नीति का पर्चे फेंककर किया विरोध
नक्सलियों ने ऑनलाइन शिक्षा नीति का पर्चे फेंककर किया विरोध
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नक्सलियों ने ऑनलाइन शिक्षा नीति का पर्चे फेंककर किया विरोध

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बीजापुर, 22 नवंबर (हि.स.)। जिला मुख्यालय से 40 किमीदूर फरसेगढ़ में रविवार सुबह पर्चे फेंककर नक्सलियों ने ऑनलाइन शिक्षा नीति पर प्रश्र उठाते हुए शिक्षा पर 45 प्रतिशत बजट खर्च करने की मांग की है । पर्चा जारी करते हुए नक्सलियों ने नई शिक्षा नीति के नाम से लागू ऑनलाइन शिक्षा को बंद करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरसेगढ़ के विभिन्न स्थानों पर फेंके गये पर्चे नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिविजन कमेटी की ओर से जारी किए गए है। पर्चे में नक्सलियों ने बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, छात्रों, अनुदेशकों एवं मितानिनों से अपील करते हुए इस पर्चे में कहा कि सरकार स्कूलों में प्रोजेक्टर का सहारा लेकर पढ़ाई करवा रही है। इससे बच्चों की तर्कशक्ति कमजोर हो रही है। नक्सलियों ने शिक्षा के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि 10 करोड नौकरी छीन ली गई है और एक लाख से अधिक स्कूलों को बंद किया गया है। प्राइवेट स्कूलों को खुली छूट देकर पूंजीपतियों को मालामाल करने का काम सरकार कर रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर कई स्कूलों को बंद किया गया है। नक्सलियों ने पोटा केबिन में बच्चों को मांस मछली एवं अन्य पौष्टिक आहार देने की मांग की है। कोरोना वायरस के चलते लॉक डॉउन में छोटे व्यापारियों, खेतीहार मजदूरों और गरीबों की माली हालत खराब हो गई। दो लाख लोग मारे गए, इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही है और किसी नेता के पास इसका सही आंकड़ा नहीं है। बड़े पूंजीपतियों की सेवा के लिए कानून बनाए जा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे-hindusthansamachar.in