धान पर एक साथ चार बीमारियों का प्रकोप, किसान परेशान
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धान पर एक साथ चार बीमारियों का प्रकोप, किसान परेशान

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धमतरी, 14 अक्टूबर ( हि. स.)। धान पर एक साथ चार बीमारियों का प्रकोप किसानों के लिए नया संकट पैदा कर रहा है। तना छेदक, पेनिकल माइट, भूरा माहो और शीथ ब्लाइट एक साथ हमला होने से दवाइयां ठीक ढंग से काम नहीं कर रही हैं। इससे फसल को काफी नुकसान हो रहा है। स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र से किसानों को अलर्ट रहने को कहा है। एक ओर जिले में कोरोना महामारी से आम जनता हलाकान है तो दूसरी ओर हमारा मुख्य अनाज नई समस्याओं से ग्रसित होता जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र धमतरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एसएस चन्द्रवंशी ने बताया कि धान में पहले तनाछेदक, पेनिकल माइट के बाद भूरा माहो तथा शीथ ब्लाइट का प्रकोप होने से फसल पर विपरित असर पड़ रहा है।।कृषि विज्ञान केन्द्र धमतरी के कीट वैज्ञानिक शक्ति वर्मा ने बतायाकि शीथ ब्लाइट या गलन एक फफूंद जनित बीमारी है जो धान की नर्सरी से लेकर बालियों के पकने वाली अवस्था तक पौधों को संक्रमित करती है जिसका निदान कृषक भी भलीभांति कर सकते हैं लेकिन यदि भूरा माहू जो एक रस टू सकीट है इन दोनों समस्याओं का एक साथ होना एक विकट समस्या है। ऐसे होता है नुकसान कीट वैज्ञानिक अपने अनुसंधानप्रयोगों के परिणामों के आधार पर बताते हैं कि शीथ ब्लाइट राइजोक्टोनिया सोलानाई नामक फफूंद से होता है जो धान के निचले हिस्से को कमजोर कर देता है तथा भूरा माहो के बदवार के लिये अनुकूल परिस्थिति का निर्माण करता है, पाया गया है कि गलन, शीथ ब्लाइट, बीमारी युक्त धान में भूरा माहो की समस्या अत्यंत तेजी से बढ़ती है एवं सामान्य दवाओं से नियंत्रण संभव नहीं होता। इन दवाओं का करें इस्तेमाल कीट वैज्ञाजिक शक्ति वर्मा ने बताया कि शीथ ब्लाइट तथा भूरा माहो का एक साथ प्रकोप होने पर हमें अच्छे समूह के फफूंदनाशक एवं उच्च गुणवत्ता वाले कीटनाशक से ही निजात मिल सकती है। शीथ इलाइट नियंत्रण के लिए एजोक्सिस्ट्रोबिन 200 मिली एकड़ या वेलिडामायस्ति एल को 500 मिली, एकड़ को भूरा माहो नियंत्रण के लिये ट्राइक्लोजोपायरिम 10 एससी मिली एकड़ के साथ मिलाकर छिड़काव करने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in