जेलबंदी रिहाई मंच द्वारा जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन
जेलबंदी रिहाई मंच द्वारा जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन
news

जेलबंदी रिहाई मंच द्वारा जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन

news

कांग्रेस द्वारा दिये आश्वासन अनुसार निर्दोष ग्रामीण बंदी और विचारधीन बंदीयों के रिहाई की रखी मांग दंतेवाड़ा, 13 सितंबर(हि.स.)। जिले में जेल बंदी रिहाई मंच द्वारा 9 बिंदुओं पर निर्दोष ग्रामीण बंदी और विचारधीन बंदीयों के रिहाई को लेकर जिला मुख्यालय में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार के द्वारा दिये गये आश्वासन को याद दिलाते हुए कहा कि फर्जी एनकाउंटर और फर्जी मुठभेड़ में बंद होने एवं निर्दोष ग्रामीण बंदी और विचारधीन बंदी व कैदियों के रिहाई की जाएगी लेकिन अभी तक सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं होने के कारण रविवार को आंदोलन के रूप में जेल बंदी रिहाई मंच ने प्रदर्शन किया है। जेल बंदी रिहाई मंच अपने ज्ञापन में कहा कि कोरोना संकट में जेल बंदियों की स्थिति और दयनीय हो गई है। कितने जेल बंदियों को कोरोना संक्रमण हुआ है? कितने कैदियो की मौत हुई है ये भी पता नहीं है। इस हालत में संवैधानिता, मौलिक अधिकारों को बचाने के लिए जब भी ग्रामीणजन आंदोलन करने और अपने मांगो को लेकर संघर्ष तेज करते है तो उनको भी जेल में झूठे प्रकरणों में फंसाकर जेल में बंद किया जा रहा है। जेल बंदी रिहाई मंच के द्वारा अपने ज्ञापन में 9 बिंदुओं पर अपनी मांग रखी है, जिसमें पुलिस प्रशासन द्वारा नक्सली नाम से जेल में बंद सभी निर्दोष ग्रामीणों को तुरंत रिहा किया जाए। चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस द्वारा दिया गया आश्वाशन को अमल में लाया जाए। कोरोना महामारी संकट से कैदियों की जान बचाने के लिए जमानत पर तुरंत रिहा करें। विचारधीन कैदियों को नियमित रूप से कोर्ट में पेश किया जाए। जेल में बंद कैदियों को उनके परिवार वालो व मित्रो से मुलाकात करने का मौका देने तथा उन्हें जरूरतमंद समान मिलना चाहिए। जेल में उनके क्षमता के अनुरूप ही कैदियों को रखना चाहिए। जेल में अपनी समस्या बता रहे कैदियों को बर्बर तरीके से पीटा जा रहे है इस गैर कानूनी अमानवीयकृत्य को रोका जाना चाहिए। पिछले साल जेल बंदी रिहाई मंच ने मुख्यमंत्री के साथ किये गये बैठक में शासन द्वारा माने गये मांगो को अमल में लाया जावे। जेल मैनुअल के हिसाब से मूलभूत सुविधाओं से वंचित कैदियों ने बीमारी और मौत की शिकार होने की संभावना अधिक होती है। साफ-सफाई शुद्ध पेय जल और खाने -पीने का व्यवस्था में सुधार लाया जाए। हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे-hindusthansamachar.in