जिले में 0.05 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं : कलेक्टर
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जिले में 0.05 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं : कलेक्टर

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धमतरी 27 जुलाई ( हि. स.)। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आदेश जारी किया है कि जिले में 0.05 एकड़ (पांच डिसमिल) जमीन की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कुछ लोगों द्वारा यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जिले में 0.05 एकड़ कृषि योग्य भूमि पर रोक लगाई गई है। कलेक्टर ने सोमवार को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय द्वारा सितम्बर 2019 में पत्र के आधार पर पटवारी द्वारा हस्तलिखित नक्शे को पंजीयन के लिए मान्य किया जा रहा है। जारी आदेश में कलेक्टर ने कहा है कि यदि कृषि योग्य अथवा अन्य किसी मद की भूमि पर अवैध प्लाॅटिंग का कार्य चल रहा है, तो उक्त संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत यदि कृषि भूमि पर कृषक अथवा भूमि का स्वामी सद्भाविक रूप से भूमि की खरीद-बिक्री के लिए नक्शा, खसरा चाहता है, तो हल्का पटवारी बिना विलंब प्रदान करने का आदेश दिया गया है। यदि नक्शे का बटांकन नहीं हुआ है, तो पटवारी हस्तलिखित मैनुअल नक्शा प्रदान करेगा। आदेश में कहा गया है? कि कृषि योग्य भूमि अथवा अन्य मद की भूमि खरीद-बिक्री असद्भाविक रूप से हो रही है, तो पटवारी ऐसे भूमि के नक्शे, खसरे की नकल देने के लिए भूमि स्वामी को मौखिक रूप से मना नहीं करेंगे। पटवारी द्वारा उल्लेखित किया जाएगा कि तहसीलदार के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रकरण अवैध प्लाॅटिंग की जांच के लिए प्रेषित किया गया है। अतः नक्शा खसरा नहीं प्रदान किया जा सकता है, इसकी लिखित सूचना आवेदक को प्रदान करें। असद्भाविक खरी-बिक्री से तात्पर्य है? भूमि का गैर कृषि कार्यों में प्रयोग जैसे अवैध प्लाॅटिंग, अवैध काॅलोनियों का निर्माण इत्यादि के प्रयोजन के लिए भूमि की खरीदी-बिक्री। सामान्यतः ऐसे भू खण्ड में रोड, बिजली के खम्भे, बाउण्ड्रीवाॅल इत्यादि का निर्माण पाया जाता है, जो कि अनियमित एवं अवैध काॅलोनी की श्रेणी में आता है। हल्के के भीतर यदि कृषि योग्य भूमि पर गैर कृषि कार्य किया जा रहा है, तो हल्का पटवारी का दायित्व है, कि तहसीलदार को निर्धारित प्रारूप में सूचना दें। तहसीलदार पटवारी से यह प्रतिवेदन लें कि कृषि योग्य भूमि का यदि उपविभाजन अवैध काॅलोनी विकसित करने के लिए लिया जा रहा है? तो इसका विस्तृत प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रेषित करें। यदि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को यह समाधान हो जाता है, कि भूमि के उप विभाजन, गैर कानूनी काॅलोनी विकसित करने में किया जा रहा है, तो ग्राम पंचायत के मामले में छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (काॅलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्ते) नियम, 1999 के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्षम प्राधिकारी है। अवैध कालोनी नियंत्रण के संबंध में विहित प्रावधानों का उपयोग करते हुए जब तक जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है, तब तक ऐसे चिन्हांकित खसरों की खरीदी-बिक्री अथवा नक्शा, खसरा हल्का पटवारी द्वारा प्रदान न करने के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लिखित में रोक लगा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन-hindusthansamachar.in