जिले में पहली बार महिला समूह बनायेंगी मुर्गी आहार, दिया जा रहा प्रशिक्षण
जिले में पहली बार महिला समूह बनायेंगी मुर्गी आहार, दिया जा रहा प्रशिक्षण
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जिले में पहली बार महिला समूह बनायेंगी मुर्गी आहार, दिया जा रहा प्रशिक्षण

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कोंडागांव, 15 अक्टूबर (हि.स.)। महिलाओं के आर्थिक विकास रोजगार निर्माण एवं आय के स्रोत बनाने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा नित नए उपक्रम एवं प्रयोग से महिला स्व सहायता समूह बनाकर संगठन सहयोग से महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कोंडागांव जिला के विकासखंड बड़े राजपुर के ग्राम पंचायत बड़ा गांव, पांडे पारा में विगत 15 दिनों से एक्सटेंशन रिफार्म्स योजना अंतर्गत कृषि से संबंधित मशरूम उत्पादन वर्मी कम्पोस्ट खाद एवं मुर्गी आहार बनाने का प्रशिक्षण हो रहा है। यह प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र बोरगांव जिला कोडागांव के वैज्ञानिक डॉक्टर हितेश मिश्रा (पशुपालन विशेषज्ञ) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। डॉ. मिश्रा ने गुरुवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि महिला समूह के द्वारा मुर्गी आहार का निर्माण जिला में पहली बार होने जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पूजा महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं में काफी उत्साह जिज्ञासा एवं तत्परता को देखते हुए इस कार्य के लिए स्थान निश्चित किया गया है। प्रशिक्षण उपरांत कार्य को अंजाम दिया जाएगा। जिन्हें कृषि विज्ञान केंद्र की टीम के द्वारा उन्हें हर तरह से सहायता देने के लिए तत्पर एवं तैयार है, जिससे इन महिलाओं के समूह में कोई समस्याओं का सामना करना ना पड़े तथा मुर्गी आहार बनने के बाद सैंपल को गुणवत्ता जांच हेतु लैब में भेजा जाएगा। इसी के बाद ही वितरण किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के मुख्य प्रशिक्षक अधिकारी राजेंद्र नेताम बीटीएम ने बताया कि ब्लॉक के गोठानो में भविष्य में मुर्गी पालन होगा। क्योंकि आज बाजार में मुर्गी आहार की कीमत बहुत अधिक है जिससे मुर्गी पालन करने वाली समूह को अधिक धनराशि खर्च करना पड़ेगा, जिसका सीधा असर मुर्गी पालन के व्यवसाय पर पड़ेगा। इसलिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके अच्छी गुणवत्ता वाली मुर्गी आहार का निर्माण पूजा महिला स्व सहायता समूह में किया जा रहा है, जिसे जांच उपरांत इन गोठानो में बाजार से कम दाम पर मुर्गी पालन करने वाले समूह को दिया जाएगा। मुर्गी आहार बनाने वाली इन समूह को अच्छी खासी आमदनी होगी। इसके साथ ही साथ महिलाएं मशरूम उत्पादन एवं जैविक खादों का भी निर्माण कर रही है। इन सभी उद्योगों से मिलने वाले लाभ अन्य समूह की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा प्रशिक्षण में मुख्य रूप से प्रभात मंडल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का सहयोग मिल रहा है। किसान मित्र राम सिंह मरकाम, विष्णु नाग, शिवम नेताम, अजय क्षत्रिय के द्वारा इन महिलाओं को सामान उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव गुप्ता-hindusthansamachar.in