प्याज़ और ज़िंदगी (व्यंग्य) Hindi Latest News 

बड़ी खबरें

प्याज़ और ज़िंदगी (व्यंग्य)

प्याज़ और ज़िंदगी (व्यंग्य)

किसी ज़माने में प्याज़ ने राजधानी की सरकार गिरा दी थी और अब इसी प्याज़ ने लोगों के स्वादु नखरे ढीले कर दिए हैं। अब नेता भी इतने समझदार हो चुके हैं कि चुनाव जीतने या हरवाने के लिए उचित मुद्दे पहले से पकाकर रखते हैं ताकि वोटर का स्वाद खराब न हो। व्यवहारिक बात करें तो प्याज़ के बिना सब्जी बना सकना ... क्लिक »

www.prabhasakshi.com