छत्तीसगढ़ विधानसभा : कस्टम मिलिंग में देरी व धान के सड़ने के मुद्दे पर विपक्ष का बहिर्गमन
छत्तीसगढ़ विधानसभा : कस्टम मिलिंग में देरी व धान के सड़ने के मुद्दे पर विपक्ष का बहिर्गमन
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छत्तीसगढ़ विधानसभा : कस्टम मिलिंग में देरी व धान के सड़ने के मुद्दे पर विपक्ष का बहिर्गमन

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रायपुर, 23 दिसम्बर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को धान की कस्टम मिलिंग में देरी का मामला उठा। विपक्षी दल भाजपा के बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने बिलासपुर जिले के कुछ संग्रहण केन्द्रों का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 800 करोड़ रुपये के धान सड़ गए हैं। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि धान का लगातार उठाव हो रहा है और मिलिंग भी चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 4 हजार से अधिक शेड और चबूतरे बनाए हैं। सरकार बचाव की पूरे उपाय कर रही है। इस पूरे मामले पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य रजनीश कुमार सिंह ने पिछले वित्तीय वर्ष में कस्टम मिलिंग से देरी से धान उठाव का मामला उठाया। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इसका जवाब देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय किये गये धान में से 11 दिसंबर 2020 की स्थिति में खरीद केन्द्रों में धान शेष नहीं है। उन्होंने बताया कि 541 राईस मिलर्स द्वारा कस्टम मिलिंग का चावल दिया जाना शेष है। इस पर पूरक प्रश्न करते हुए भाजपा सदस्य रजनीश सिंह ने कहा कि जहां-जहां धान रखा है वहां लगभग 800 करोड़ रूपये का धान सड़ चुका है। नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी इस मामले में कहा कि 800 करोड़ नहीं बल्कि 50 हजार करोड़ रूपये का धान सड़ चुका है। भाजपा सदस्यों ने इस मामले में सदन की कमेटी से जांच कराये जाने की मांग की है, जिसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के विधायकों को भी शामिल करने की मांग की। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत द्वारा कोई आश्वासन नहीं मिला, जिसके बाद भाजपा सदस्यों ने हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र-hindusthansamachar.in