चकरभाठा एयरपोर्ट से लगी जमीन सेना से वापस लिया गया, मुख्यमंत्री ने दिया आदेश
चकरभाठा एयरपोर्ट से लगी जमीन सेना से वापस लिया गया, मुख्यमंत्री ने दिया आदेश
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चकरभाठा एयरपोर्ट से लगी जमीन सेना से वापस लिया गया, मुख्यमंत्री ने दिया आदेश

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रायपुर ,14 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को एक आदेश जारी कर चकरभाठा एअरपोर्ट से लगी जमीन को सेना से वापस ले लिया है। जिला प्रशासन को शासन से मिले पत्र में बताया गया है कि जनहित और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए चकरभाठा एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। इसलिए सेना को दी गयी 78 एकजड जमीन का अनुबंध निरस्त किया जाता है। आदेश हासिल होने के बाद कलेक्टर सारांश मित्तर ने एयरपोर्ट का मुआयना किया। उन्होने इंजीनियरों को निर्देश भी दिया कि तीन दिनों के अ्दर एअरपोर्ट से लगी जमीन पर फेंसिंग का काम पूरा किया जाए। कलेक्टर ने बताया कि जमीन मिलने के बाद 3 C लायसेंस के लिए चकरभाठा एयरपोर्ट का रास्ता साफ गया है। एक महीने के अन्दर सारा काम पूरा हो जाएगा। वही मामले में एयरपोर्ट के लिए सड़क से कोर्ट तक जंग लड़ने वाले अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने खुशी जाहिर की है। उन्होने कलेक्टर,मुख्यमंत्री और बिलासपुर की जनता को शुभकामनाएं भी दी है। आज सीएम ने दोपहर बाद एक आदेश जारी कर सितलरा और रहंगी स्थित एयरपोर्ट से लगी जमीन को सेना से वापस ले लिया है। मामले की जानकारी पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन बिलासपुर को दी गयी है। पत्र में कहा गया है कि चकरभाठा में सैन्य छावनी स्थापना के लिए प्रबंधन और संधारण को लेकर सेना को दी गयी जमीन की अनुमति को निरस्त किया जाता है। मामले में कलेक्टर ने बताया कि शासन से पत्र मिला है। इसके पहले भी सेना से फेंसिग निर्माण को लेकर आज ही बातचीत हुई थी। अब शासन ने सेना से 2016 में किए अनुबंध को निरस्त कर दिया है। जाहिर सी बात जमीन जिला प्रशासन के कब्जे में आ गयी है। इसके साथ ही अब एक महीने के अन्दर चकरभाठा एयरपोर्ट के लिए 3 C लायसेंस का दावा कर सकते हैं। कलेक्टर ने बताया कि पत्र मिलने के बाद टीम के साथ चकरभाठा एयरपोर्ट का मुआयना भी किया। इस दौरान इंजीनियरों को निर्देश भी दिया गया कि तीन दिन के अन्दर एयरपोर्ट के चारो तरफ 78 एकड़ जमीन पर फेंसिंग का काम पुूरा करें। मंत्रालय से जारी पत्र में बताया गया है कि सिलतरा और रहंगी में सेना को छावनी के लिए संधारण और प्रबंधन के लिए 6 जून 2016 में दी गयी जमीन के अनुबंध को निरस्त किया जाता है। चकरभाठा 3 C श्रेणी का एयरपोर्ट तैयार करने में बाउन्ड्रीवाल निर्माण जरूरी है। हाईकोर्ट निर्देश के बाद भविष्य में 4C श्रेणी में एअरपोर्ट को विकसित करने के लिए सिलतरा और रहंगी स्थित सेना को दी गयी 78 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। हिन्दुस्थान समाचार /केशव-hindusthansamachar.in