गोमर्डा अभ्यारण्य में खोद कर निकाला गया वन्यप्राणी का शव
गोमर्डा अभ्यारण्य में खोद कर निकाला गया वन्यप्राणी का शव
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गोमर्डा अभ्यारण्य में खोद कर निकाला गया वन्यप्राणी का शव

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रायगढ़ 10 सितंबर (हि.स.)। वन अभ्यारण्य गोमर्डा से मिली जानकारी के मुताबिक गोमर्डा अभ्यारण के बटऊपाली बीट के कक्ष क्र. 932 पीएफ में शिकारियों ने एक नीलगाय का शिकार किया, पर किसी वजह से उसे वहां से नहीं ले जा सके। इसके बाद उन्होंने घनी झाडिय़ां देखकर नीलगाय के शव को दफना दिया। बताया जा रहा है कि संभवत: करंट का तार बिछाकर वन्यप्राणी का शिकार किया गया था। मामले की जानकारी बुधवार को जब विभाग के अधिकारियों को लगी, तो उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों को मामले का पता कर दफनाए गए शव को बाहर निकालने व आगे की प्रक्रिया के लिए निर्देशित किया। जहां कल देर शाम तक वन्यप्राणियों के शव को बाहर नहीं निकाला जा सका था, पर आज वनकर्मी छानबीन करते हुए मौके तक पहुंचे और वन्यप्राणी के शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद चिकित्सक द्वारा प्रारंभिक जांच किया गया और विभागीय अमला ने उसका अंतिम संस्कार कराया। मामले को विभाग के द्वारा गंभीरता से लेते हुए अब उन शिकारियों की तलाश शुरू कर दी है, जो उस क्षेत्र में अक्सर शिकार की घटना को अंजाम देते हैं। इससे पूर्व भी इस क्षेत्र में एक नीलगाय व साम्हर का शिकार होने की बात बतायी जा रही है। इस संबंध में गोमर्डा अभ्यारण्य के अधीक्षक आर. के. सिसोदिया ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि कक्ष क्रमांक 932 से बिजली लाईन जाती है और उसी हाईटेंशन तार की मदद शिकारी लेते हैं। रात में करंट प्रवाहित तार बिछा दिया जाता है। जिसकी चपेट में आकर वन्यप्राणियों की मौत हो जाती है। इससे पहले भी कई ऐसे में मामले यहां सामने आ चुके हैं। हांलाकि पूर्व में शिकार करने वाले कुछ शिकारियों को भी यहां पकड़ा गया था, पर विभाग का डर अब तक शिकारियों में नहीं बन सका है। शिकारियों के द्वारा दफनाया गया शव को खोद कर निकाला गया है। शव गल जाने की वजह से अभी यह कह पाना मुश्किल है कि वह नीलगाय है या फिर साम्हर का शव है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार /रघुवीर प्रधान-hindusthansamachar.in