गिरदावरी कार्य करते समय वास्तविक फसल के रकबे का पंजीयन आवश्यक
गिरदावरी कार्य करते समय वास्तविक फसल के रकबे का पंजीयन आवश्यक
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गिरदावरी कार्य करते समय वास्तविक फसल के रकबे का पंजीयन आवश्यक

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रायपुर, 17 सितम्बर (हि.स.)। फसलों की गिरदावरी का कार्य राज्य शासन का महत्वपूर्ण कार्य है इसलिए मैदानी विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को फसलों की गिरदावरी करते समय विशेष सर्तकता की आवश्यकता होती है। गिरदावरी के तहत खसरों एवं अभिलेखों का मिलान भुइंया साफ्टवेयर की प्रविष्टियों से किया जाता है। भू-अभिलेखों के मैनुअल एवं भुईया साफ्टवेयर में प्रविष्टि के कार्य में समानता एवं एकरूपता होनी चाहिए। इस संबंध में राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। सभी तहसीलों के हल्को में तैनात पटवारी अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिदिन किए जाने वाले गिरदावरी कार्य की ऑनलाईन एंट्री अनिवार्य रूप से करें। गिरदावरी कार्य के समय किसानों की फोटो को भी प्रमाणीकरण का कार्य शुरू किया गया है। पटवारी को गिरदावरी कार्य करते समय वास्तविक फसल के रकबे कीे पंजीयन अनिवार्य रूप से करना आवश्यक है। गिरदावरी करते समय यह ध्यान रखा जाना जरूरी है कि मेड़, नदी, नाले, खाली भूमि, कुंआ, डबरी, तालाब आदि की भूमि को शामिल नहीं किया जाए। किसानों को भी फसलों की गिरदावरी कार्य के समय जागरूक और सर्तक रहना चाहिए कि उनके द्वारा अपने खेत में बोई गई सभी प्रकार की फसलों के रकबे का राजस्व रिकार्ड में उचित प्रविष्टि की गई है। इस संबंध में वे गिरदावरी कार्य कर रहे राजस्व और कृषि विभाग अधिकारियों से आवश्यक चर्चा जरूर करें क्योंकि यह उनके ही हित में है, जब कभी किन्ही प्राकृतिक कारणों से फसलों की क्षति होती है तो फसल क्षतिपूर्ति के लाभ किसानों को सिर्फ गिरदावरी के आधार पर ही दिए जाते हैं। इसी प्रकार से फसलों की गिरदावरी के आधार पर किसानों को अन्य योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र-hindusthansamachar.in