कोरोना से हुई मृतक के अंतिम संस्कार को लेकर घण्टों भटकते रहे परिजन
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कोरोना से हुई मृतक के अंतिम संस्कार को लेकर घण्टों भटकते रहे परिजन

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ग्रामीणों के विरोध के बीच हुआ अंतिम संस्कार अब ग्रामीणों ने किया चक्काजाम रायगढ़, 07 सितंबर (हि.स.)। रविवार दोपहर खरसिया के व्यक्ति की मौत रायगढ़ के एक निजी अस्पताल में हो गई थी। जिसे अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना पॉजिटिव बताया था और मृतक की बॉडी परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया था। लेकिन जानकारी आ रही है की रविवार शाम से लेकर रात 1 बजे तक मृतक के परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए भटकते रहे। सोमवार को तक़रीबन दोपहर 1 बजे खरसिया के बाम्हनपाली में प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों के पुरजोर विरोध के बीच मृतक का अंतिम संस्कार हो पाया। वहीँ आज सुबह से ही बाम्हनपाली के ग्रामीण विरोध पर उतर आए और बाम्हनपाली बाईपास में चक्काजाम कर दिए। ग्रामीणों की मांग है कि उनके गांव में कोरोना पेशेंट का अंतिम संस्कार न किया जाए। बहरहाल इस पूरे मामले में मृतक के पुत्र ने निजी अस्पताल पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। मृतक के पुत्र का कहना है की तबियत बिगड़ने पर उनके पिता को खरसिया से रायगढ़ लाया गया था। जहां इलाज के दौरान महज एक घण्टे में ही उनके पिता की मौत हो गई थी। मौत से पहले उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लेकिन मौत के बाद दोबारा लिए गए सैम्पल की जांच में उन्हें कोरोना पॉजिटिव बताया गया। उसने यह भी कहा कि अगर उसके पिता कोरोना पॉजिटिव थे। तो उनकी मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार प्रशासन ने क्यों नहीं किया। उनकी बॉडी हमे सौंप दी गई। जबकि कोरोना के मामले में ऐसा नहीं किया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार /रघुवीर प्रधान-hindusthansamachar.in