उत्तराखंडः निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में ओपीडी खुली रहेंगी
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उत्तराखंडः निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में ओपीडी खुली रहेंगी - इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक - कोरोना से बचाव में सरकारी और निजी अस्पतालों में समन्वय पर विचार-विमर्श देहरादून, 30 मार्च (हि.स.) । उत्तराखंड में कोरोना वायरस (कोविड 19) के संक्रमण से बचाव के संबंध में मुख्यमंत्री ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के साथ सोमवार को यहां महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है। इसमें प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों का सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि दून अस्पताल, श्री महंत इंद्रेश अस्पताल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश और हिमालयन अस्पताल में कोरोना के मरीजों के लिए बेड आरक्षित हैं। यहां के चिकित्सकों को कोरोना के इलाज के लिए नियुक्त किया गया है। इससे अन्य निजी अस्पतालों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। इसलिए सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम अपने यहां ओपीडी खुली रखें ताकि आमजन अन्य बीमारियों की दशा में अपना इलाज सुगमता से करा सकें। सरकार निजी चिकित्सा संस्थानों को हर प्रकार की सहायता देगी। मुख्यमंत्री रावत ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निजी अस्पतालों में ओपीडी की व्यवस्था सही रखने में सहयोग करें। मेडिकल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि कोरोना से लड़ाई में सरकार का पूरा सहयोग किया जाएगा। यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे देश की है। बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव (स्वास्थ्य) नितेश झा, एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अजय खन्ना, सीएमआई के चेयरमैन डॉ. आरके जैन, डॉ. महेश कुडियाल, डॉ. अरविंद ढाका, डॉ. डीडी चौधरी, डॉ. अजीत गैरोला, डॉ. सिद्धार्थ गुप्ता, डॉ. संजय गोयल, डॉ. कृष्ण अवतार, डाॅ. प्रवीण मित्तल, डॉ. शनवीर बामरा आदि उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/दधिबल/मुकुंद-hindusthansamachar.in