अमेजन के खिलाफ सीसीआई जांच पर कर्नाटक हाई कोर्ट स्‍टे कैट करेगा अपील Hindi Latest News 

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अमेजन के खिलाफ सीसीआई जांच पर कर्नाटक हाई कोर्ट के स्‍टे पर कैट करेगा अपील

अमेजन के खिलाफ सीसीआई जांच पर कर्नाटक हाई कोर्ट के स्‍टे पर कैट करेगा अपील

अमेजन के खिलाफ सीसीआई जांच पर कर्नाटक हाई कोर्ट के स्टे पर कैट करेगा अपील नई दिल्ली, 14 फरवरी (हि.स.)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा अमेजन के खिलाफ सीसीआई की जांच आदेश पर रोक लगाने के फैसले खिलाफ अपील की जाएगी। कर्नाटक हाई कोर्ट ने सीसीआई की अमेजन के खिलाफ

जांच पर इस आधार पर रोक लगा दी कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फ्लिपकार्ट और अमेजन की गतिविधियों की जांच पहले ही शुरू कर दी है, जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति के उल्लंघन में होने के आरोप में चल रही है। हाईकोर्ट ने सीसीआई बनाम भारती एयरटेल मामले के निर्णय को आधार बनाते हुए अमेजन की याचिका पर स्टे दिया है। हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया है कि जब सीसीआई ने अमेजन से पिछले मामले में टिप्पणी मांगी थी, इस लिहाज से सीसीआई को वर्तमान मामले में पक्षकारों को भी बुलाना चाहिए था। इसी के मद्देनजर कैट और दिल्ली व्यापर महासंघ ने बहुत जल्द हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने का फैसला किया है। इस बीच कारोबारी संघ केंद्र सरकार से ईडी की जांच में तेजी लाने पर जोर देगा और कैट का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात भी करेगा। कैट राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ सीसीआई जांच को रोकने के कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और अप्रत्याशित’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ईडी की जांच और सीसीआई जांच के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करके अमेजन के वकीलों ने कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की है। खंडेलवाल ने कहा कि अमेजन का एकमात्र मकसद सीसीआई जांच को रोकना था, जिससे उनके अनैतिक व्यापार उजागर न हो जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्वीकार किया कि प्रवर्तन निदेशालय को एफडीआई नीति के उल्लंघन के लिए इन कंपनियों के खिलाफ जांच को जारी रखनी चाहिए। खंडेलवाल ने दोहराया कि यदि अमेजन ईमानदार व्यवसाय कर रहा है और किसी भी उल्लंघन या अनैतिक व्यापारिक प्रथा में लिप्त नहीं है, तो एक वैश्विक इकाई के रूप में जांच का सामना करना उसकी नैतिक जिम्मेदारी थी, लेकिन अमेजन ने जांच का सामना करने से इन्कार करके सभी के मन में और ज्यादा संदेह पैदा कर दिया है, जिसमें उसके कर्मचारी, हितधारक, प्राधिकरण और उपभोक्ता भी शामिल हैं, कि इतने बड़े संगठन ने जांच से दूर भागने की हर संभव कोशिश क्यों की। हिन्दुस्थान समाचार/प्रजेश/सुनीत
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