अधिग्रहण और मुआवजा के बिना किसानों की जमीन पर सड़क निर्माण, नाराज किसान एकजुट होकर करेंगे आंदोलन
अधिग्रहण और मुआवजा के बिना किसानों की जमीन पर सड़क निर्माण, नाराज किसान एकजुट होकर करेंगे आंदोलन
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अधिग्रहण और मुआवजा के बिना किसानों की जमीन पर सड़क निर्माण, नाराज किसान एकजुट होकर करेंगे आंदोलन

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कोरबा, 22 नवम्बर (हि स )। रजकम्मा से तानाखार तक प्रधानमंत्री सड़क बनाने के लिए पोड़ी विकासखंड के दसियों गांवों के सैकड़ों किसानों की जमीन छीन ली गई है और सड़क निर्माण के लिए इस जमीन पर खड़े हजारों पेड़ों को काट लिया गया है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बिना अधिग्रहण और मुआवजा के और किसानों की सहमति के बिना किये जा रहे इस सड़क निर्माण को अवैध करार दिया है, इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। माकपा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बन रही यह सड़क सगुना, पंडरीपानी, बिंझरा, सीपत, डोंगरतरई, बरतरई, अमलीभवना सहित कई गांवों से गुजरती है। लेकिन इस सड़क निर्माण योजना की पूरी जानकारी न तो यहां के ग्रामीणों को है और न ही पंचायत व स्थानीय जन प्रतिनिधियों को ही है। इस सड़क निर्माण की चपेट में सैकड़ों किसानों के खेत आ रहे है और अधिकांश किसान आदिवासी और गरीब हैं। इन किसानों की जमीन पर खड़े कई साल पुराने कीमती और फलदार वृक्षों को उनकी सहमति के बिना जबरन काट लिया गया है और खेत पाटे जा रहे हैं। माकपा नेता ने बताया कि इस सड़क निर्माण से प्रभावित गांवों के किसानों के साथ रविवार को बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता प्रताप दास, जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, मुरली संत, निर्मल दीवान, उमेद सिंह नामदेव, राकेश सिंह नामदेव, नेतराम, पांचू, रामकुमार सिन्द्रम, अमर सिंह ओड़े आदि उपस्थित थे। प्रभावित किसानों ने जानकारी दी है कि सड़क निर्माण से पूर्व न तो उनकी कृषि जमीन का अधिग्रहण किया गया है और न ही कोई मुआवजा दिया गया है। इस सड़क निर्माण के बारे में किसी जानकारी के अभाव में किसानों को यह भी नहीं मालूम कि किस किसान का कितना रकबा इस सड़क निर्माण के लिए छीना जा रहा है। इससे इन गांवों के सभी किसान अपने भविष्य के प्रति आशंकित हैं। माकपा नेता ने कहा कि बिना अधिग्रहण और मुआवजा के किसानों की जमीन नहीं छीनी जा सकती और न ही उनकी सहमति के बिना सड़क का निर्माण किया जा सकता है। यह स्पष्ट रूप से पेसा कानून और पांचवी अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन है। माकपा ने किसानों के मुआवजे का मामला हल होने तक इस सड़क निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और पेड़ काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। किसान सभा नेता प्रताप दास, जवाहर कंवर, दीपक साहू और एकता परिषद के मुरली संत आदि ने बताया कि इस अवैध सड़क निर्माण के खिलाफ 23 नवम्बर को पोड़ी एसडीएम को इस क्षेत्र के किसान सामूहिक ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और सड़क निर्माण की अवैध कारगुजारी जारी रहती है, तो माकपा और किसान सभा ग्रामीणों को लामबंद कर आंदोलन करेगी। हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी-hindusthansamachar.in