बड़ी खबरें

गंगा तटों-कुंडों पर जीवित्पुत्रिका व्रत का रेला मेले में तब्दील

गंगा तटों-कुंडों पर जीवित्पुत्रिका व्रत का रेला मेले में तब्दील

वाराणसी। काशी बुधवार को पुत्र कामना के लिए और अनूठे लोकोत्सव की साक्षी बनी। कुंडों गंगा तटों से लेकर बीच सड़कों तक गन्ने के मंडप सजाए गए। गंगा की मिट्टी से वेदिया बनाकर हल्दी-चंदन की अल्पनाएं सजाई गईं। फूलों फलों के अलावा तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया गया। कहीं शहनाई की मंगलध्वनि गूंजी तो कहीं बैंडबाजा बजा। यह नजारा था जीवित्पुत्रिका व्रत रखने वाली महिलाओं के समूहों के बीच उमड़ी आस्था का। निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने पुत्र कामना को लेकर सोरहिया मेला के आखिरी दिन जीवित्पुत्रिका व्रत रखकर समूहों में पूजा की। इस दौरान बुजुर्ग महिलाओं से पौराणिक कहानियां सुनी गईं।
www.amarujala.com
पूरी स्टोरी पढ़ें »

©Copyright Indicus Netlabs 2017. Raftaar ® is a registered trademark of Indicus Netlabs Pvt. Ltd.